धार, अग्निपथ। मध्य प्रदेश के धार और झाबुआ जिले के किसानों और निवासियों के लिए आठ वर्षों से चला आ रहा लंबा इंतजार अंततः समाप्त हो गया है। धार जिले के सरदारपुर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बहुप्रतीक्षित मां नर्मदा-माही लिंक परियोजना का आधिकारिक लोकार्पण किया।
लगभग 2400 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में सिंचाई, पेयजल आपूर्ति तथा औद्योगिक विकास की उम्मीदों को एक नई दिशा मिली है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 350 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी किया, जिससे क्षेत्र के समग्र ढांचे को मजबूती मिलेगी।
72 हजार किसानों को सीधा लाभ और आधुनिक सिंचाई व्यवस्था
नर्मदा-माही लिंक परियोजना को मालवा-निमाड़ अंचल की कृषि व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस परियोजना के माध्यम से धार और झाबुआ जिलों के लगभग 72 हजार किसानों को सीधे तौर पर सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। परियोजना की सबसे प्रमुख तकनीकी विशेषता इसकी भूमिगत पाइप नहर प्रणाली है।
इस प्रणाली के तहत किसान के 2.5 हेक्टेयर के चक तक 20 मीटर के दबाव के साथ पानी उपलब्ध कराने का विशेष प्रावधान किया गया है।
इस उच्च दबावयुक्त व्यवस्था से क्षेत्र के किसान आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रिप (टपक) और स्प्रिंकलर (फव्वारा) पद्धति से अपनी आवश्यकता अनुसार सुगमता से सिंचाई कर सकेंगे। पर्याप्त पानी की उपलब्धता से किसान न केवल मौसम की अनिश्चितताओं से बच सकेंगे, बल्कि रबी की फसलों के साथ-साथ अन्य कृषि गतिविधियों का भी बेहतर नियोजन कर सकेंगे। इससे कृषि उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
पेयजल संकट का स्थायी समाधान और औद्योगिक विकास को गति
यह परियोजना केवल कृषि तक सीमित न होकर क्षेत्र की पेयजल समस्याओं का समाधान करने में भी अग्रणी भूमिका निभाएगी। धार और झाबुआ जिलों में भीषण गर्मी के दिनों में स्थानीय जलस्रोतों पर अत्यधिक दबाव बन जाता था, जिससे पेयजल संकट गहरा जाता था। इस योजना के प्रभावी संचालन से ग्रामीण और शहरी आबादी को नियमित और स्वच्छ जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
इसके अतिरिक्त, धार जिला प्रदेश की आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र है। औद्योगिक इकाइयों के सुचारू संचालन और नए उद्योगों की स्थापना के लिए जल की उपलब्धता बुनियादी आवश्यकता है। नर्मदा-माही परियोजना से औद्योगिक इकाइयों की पानी की जरूरतें पूरी होंगी, जिससे क्षेत्र में नए निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे।
350 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात
लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अमकझमका माताजी मंदिर निर्माण सहित लगभग 350 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी नया जीवन मिलेगा।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जिला अध्यक्ष निलेश भारती, पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, जिला पंचायत अध्यक्ष सरदार मेंडा और प्रदेश मंत्री जयदीप पटेल सहित अनेक वरिष्ठ जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
16.70 लाख किसानों के खातों में बीमा राशि अंतरित
किसानों के कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि दिवाली के पावन पर्व से पूर्व प्रदेश के लगभग 16 लाख 70 हजार किसानों के बैंक खातों में फसल बीमा की राशि सफलतापूर्वक अंतरित कर दी गई है। प्राकृतिक आपदाओं या मौसम की मार से प्रभावित हुए किसानों के लिए यह वित्तीय सहायता एक बड़ा संबल बनकर उभरी है।
सफल क्रियान्वयन पर टिकीं जन-आकांक्षाएं
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह परियोजना क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का नया द्वार खोलेगी। हालांकि, आठ साल के लंबे समय के बाद धरातल पर उतरी इस परियोजना की वास्तविक सफलता अब इसके समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। यदि खेतों के अंतिम छोर तक पानी नियमित रूप से पहुंचता है, तो यह योजना मालवा अंचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का कायाकल्प कर देगी।

