पोलायकलां, अग्निपथ। नगर पोलायकलां के तहसील कार्यालय में कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर जनप्रतिनिधियों और आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। हाल ही में तहसील कार्यालय के एक कर्मचारी द्वारा वार्ड क्रमांक 8 के पार्षद प्रतिनिधि एवं कांग्रेस नगर अध्यक्ष के साथ अभद्र व्यवहार करने और उन्हें एफआईआर (FIR) दर्ज कराकर जेल भिजवाने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस घटना ने तहसील कार्यालय में व्याप्त अव्यवस्था और कर्मचारियों की मनमानी को उजागर कर दिया है।
पार्षद प्रतिनिधि एवं पार्टी के अधिकृत बीएलए (BLA) विनोद मालवीय, नरेश दीक्षित और अर्जुन मालवीय निर्वाचन कार्य से संबंधित ‘एसआईआर’ की जानकारी लेने तहसील कार्यालय पहुंचे थे। तहसीलदार की अनुपस्थिति में जब उन्होंने संबंधित बाबू तुषार शर्मा से जानकारी मांगी, तो आरोप है कि बाबू ने सहयोग करने के बजाय अभद्र भाषा का प्रयोग शुरू कर दिया। विनोद मालवीय ने बताया कि जब उन्होंने शांति से बात करने का आग्रह किया, तो कर्मचारी और अधिक भड़क गया और धमकी दी कि “ज्यादा नेतागिरी की तो एसडीएम ऑफिस जाना पड़ेगा और यदि ऊंची आवाज में बात की तो तुम्हारे खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर जेल भिजवा दूंगा।”
इस घटना के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि यदि जिम्मेदार पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों के साथ कार्यालयीन कर्मचारियों का ऐसा व्यवहार है, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होती होगी। क्या किसी सरकारी विभाग से नियमानुसार जानकारी मांगना अब अपराध की श्रेणी में आता है? स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने उक्त कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है, ताकि शासकीय कार्यालयों में जनता और प्रतिनिधियों का सम्मान बना रहे।
