कांग्रेस की संभागीय बैठक में हंगामा; पूर्व पार्षद त्रिवेदी रो पड़ी, सोनी के व्यवहार से पदाधिकारी भडक़े, प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को हुई शिकायत
उज्जैन, अग्निपथ। कांग्रेस की संभागीय बैठक में शहर अध्यक्ष महेश सोनी और पूर्व पार्षद माया राजेश त्रिवेदी के बीच विवाद हो गया। माया त्रिवेदी रो पड़ी थी। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों के समर्थक आमने -सामने हो गये। हालांकि बाद में आपसी सहमति से मामला शांत हो गया था।
दरअसल उज्जैन-इंदौर के संभागीय प्रभारी कुलदीप इंदौरा ने उज्जैन संभाग के शहर, जिलाध्यक्षों, विधायकों समेत प्रमुख पदाधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में पूर्व पार्षद माया राजेश त्रिवेदी इंदौरा के सामने ब्लॉक अध्यक्ष का परिचय करा रही थी। इसी दौरान उज्जैन शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश सोनी ने त्रिवेदी को लेकर टिप्पणी कर दी।
इससे पूर्व पार्षद त्रिवेदी भडक़ गई। उन्होंने नाराजगी जताना शुरू कर दी। उनके समर्थक भी सोनी के व्यवहार पर आपत्ति जताने लगे तो सोनी के समर्थन में पूर्व पार्षद कैलाश बिसेन आ गए। इससे विवाद बढ़ गया। कैलाश बिसेन, मुजीब सुपारी, श्रवण शर्मा समेत सभी के बीच बाद में आपसी सहमति बन जाने से विवाद शांत हो गया।
बैठक में पूर्व विधायक बटुकशंकर जोशी, विधायक महेश परमार, मुरली मोरवाल, रामलाल मालवीय, विधायक विशाल पटेल, आगर से बाबूलाल यादव, मंदसौर से नवकृष्ण पाटिल, रतलाम से महेंद्र कटारिया, हर्षविजय गेहलोत, नीमच से अजीत कांठे, आगर विधायक विपिन वानखेड़े, कमल पटेल, कमल चौहान, तबरेज खान, पूर्व पार्षद रविराय, नाना तिलकर, जितेंद्र गोयल आदि मौजूद थे।
वार्ड नंबर 12 का टिकट देने की बात पर मामला गर्माया
बताया जाता है कि शहर कांग्रेस और पूर्व पार्षद माया राजेश त्रिवेदी के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा है। संभागीय बैठक में महेश सोनी ने उनके वार्ड से दूसरे दावेदार को टिकट देने की बात संभागीय प्रभारी के सामने कह दी। इससे विवाद गहरा गया। पूर्व पार्षद त्रिवेदी का कहना है कि वे अपने हिसाब से चुनाव लड़ेंगी। उन्हें संगठन में फिर से प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ लेकर आए हैं।
विधायक मुरली मोरवाल से हाथ आजमाने लगे थे सोनी
संभागीय संगठन मंत्री के सामने महेश सोनी ने विधायक मुरली मोरवाल का हाथ पकड़ लिया और कहने लगे कि लोग मुझे कमजोर बताते हैं। विधायक जी आप हाथ पकडक़र बताए कि मुझमें ताकत है या नहीं। इस पर विधायक मोरवाल नाराज हो गए थे। उन्होंने संगठन मंत्री से सोनी का समझाने का आग्रह किया।
कांग्रेस के दस-दस कोरोना योद्धा 200 लोगों की पीड़ा जानेंगे : इंदौरा
कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आउटरीच कार्यक्रम के तहत कांग्रेस के 10-10 कार्यकर्ताओं को 200-200 लोगों से संपर्क करके उनकी कोविड के दौरान हुई परेशानी की जानकारी एकत्र करना है। ताकि कोविड के दौरान हुई मौतों की सच्चाई को सामने लाया जा सके।
उक्त जानकारी कांग्रेस के संभागीय प्रभारी कुलदीप इंदौरा ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए दी। उन्होंने कहा, सरकार चार लाख लोगों की मौत की जानकारी दे रही है। जबकि वास्तव में यह संख्या 3 करोड़ से ज्यादा है। इसी सच्चाई को सामने लाने के लिए कांग्रेस ने एक फार्मेट जारी किया है। इसके जरिए माध्यम से कार्यकर्ता पीडि़तों की जानकारी हासिल करके संगठन तक पहुंचाएंगे।
झारडा में नियुक्ति की शिकायत
झारड़ा के अध्यक्ष को हटाकर नए अध्यक्ष को नियुक्त किए जाने की शिकायत भी संगठन प्रभारी से की गई। उन्होंने मामले को पीसीसी में भेजने के निर्देश दिए हैं।
इनका कहना
संभागीय बैठक में जो भी घटनाक्रम हुआ है, वह पार्टी के अंदर का मामला है। पूरे घटनाक्रम से प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ जी को अवगत कराया जाएगा। -माया राजेश त्रिवेदी, पूर्व पार्षद
संगठन की बैठक में चर्चा के लिए सबको बुलाया गया था। सब सामान्य बात है। सब परिवार की बात है। सब मेरे नेता है। संगठन में सबकों साथ लेकर चलना होता है। कभी -कभार अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्ती करनी होती है। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी हो जाती है। परन्तु सबको समझा लिया जाएगा। -महेश सोनी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष
बचपन से सोनी जी के साथ काम किया है। मेरी कोई नाराजगी नहीं है। कांग्रेस कार्यालय, परिवार का मामला है। हमारे आदर्श है डॉ बटुक शंकर जोशी,महेश सोनी आदर्श हैं। मेरा इनसे कोई गिला -शिकवा नहीं है। -श्रवण शर्मा, ब्लाक अध्यक्ष, कार्तिक चौक
मैंने बहन माया राजेश त्रिवेदी से कहा था कि बैठक में ब्लॉक अध्यक्षों को बुलाया गया है। वे ही अपनी बात करें। नाना तिलकर से भी यही कहा था। सब परिवार के सदस्य है। कोई विवाद नहीं है। -कैलाश बिसेन, पूर्व पार्षद

संभागीय बैठक में जो भी घटनाक्रम हुआ है, वह पार्टी के अंदर का मामला है। पूरे घटनाक्रम से प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ जी को अवगत कराया जाएगा। -माया राजेश त्रिवेदी, पूर्व पार्षद
संगठन की बैठक में चर्चा के लिए सबको बुलाया गया था। सब सामान्य बात है। सब परिवार की बात है। सब मेरे नेता है। संगठन में सबकों साथ लेकर चलना होता है। कभी -कभार अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्ती करनी होती है। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी हो जाती है। परन्तु सबको समझा लिया जाएगा। -महेश सोनी, शहर कांग्रेस अध्यक्ष