बंगाल में बिहार का लाल शहीद: थानेदार बेटे का शव देखते ही मां को लगा गहरा सदमा, मौत, अब एक साथ उठेगी अर्थी

किशनगंज। बिहार के किशनगंज के नगर थानाध्यक्ष अश्वनी कुमार की जिले की सीमा से सटे पश्चिम बंगाल के पांजीपाड़ा थाना क्षेत्र में अपराधियों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। अश्वनी की मां उर्मिला देवी यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाईं और रविवार को हार्ट अटैक से उनकी भी मौत हो गई। वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अश्वनी कुमार को भीड़ में अकेला छोड़कर भागने वाले सात पुलिकर्मियों को निलंबित कर दिया है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पश्चिम बंगाल में मॉब लिन्चिंग का शिकार हुए किशनगंज थाने के पुलिस इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार का पार्थिव शरीर जब उनके घर पहुंचा, तो बेटे की मौत के गम में मां उर्मिला देवी की भी मौत हो गई। इसके बाद पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया। रविवार को एक साथ मां और थानेदार बेटे की अर्थी उठेगी।

शहीद अश्विनी कुमार की मां उर्मिला देवी पटना में बहू मीनू स्नेहलता और बच्चों के साथ रहती थी। दिवंगत थानाध्यक्ष के पिता महेश प्रसाद यादव सेवानिवृत्त शिक्षक थे, जिनका देहांत कुछ साल पहले हो गया। अश्विनी कुमार दो भाइयों में बड़े थे। छोटा भाई प्रवीण कुमार उर्फ गुड्डू है। इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार के तीन बच्चे -दो बेटी और एक बेटा है। दोनों बेटियां बड़ी है। शहीद की मां हृदय रोगी थीं, इस कारण उन्हें बेटे की मौत के बारे में पहले नहीं बताया गया था। शनिवार की देर रात उन्हें इस घटना की सूचना दी गई और रविवार सुबह उनकी मौत हो गई।

परिजनों का आरोप, साजिश के तहत की हत्या
किशनगंज के टाउन थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की हत्या से परिजनों में आक्रोश है। परिजनों का कहना है कि साजिश के तहत थानाध्यक्ष की हत्या हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष के साथ गए पुलिस पदाधिकारी व पुलिस बल अगर वहां मौजूद रहकर एक भी गोली चला देते, तो शायद भीड़ के चंगुल से उनके भाई की जान बच जाती।

मां और दो बेटे समेत तीन आरोपी गिरफ्तार 
किशनगंज जिले के थानाध्यक्ष अश्विनी कुमार की हत्या के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए अभियुक्तों में फिरोज आलम, उसका भाई अबुजार आलम और इनकी मां सहीनुर खातुन शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, फिरोज इस घटना का मुख्य आरोपी है। किशनगंज से सटे पश्चिम बंगाल के पंथापड़ा में तहकीकात के सिलसिले में दलबल के साथ गए इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया था। इस घटना में वह शहीद हो गए। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, इस मामले में नामजद अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। इसमें संलिप्त तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूर्णिया के आईजी और किशनगंज के एसपी घटनास्थल पर कैंप कर रहे हैं। वहीं डीजीपी एसके सिंघल ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी से इस मामले में बात की।

बंगाल के डीजीपी ने पूर्ण सहयोग का दिया आश्वासन
बंगाल के डीजीपी ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, शहीद इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार के परिजनों को अनुग्रह अनुदान, सेवांत लाभ और एक आश्रित को सरकारी नौकरी देने के लिए कार्रवाई की जा रही है। बिहार पुलिस ने शहीद इंस्पेक्टर अश्विनी कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। 


एसपी कुमार आशीष ने कहा कि घटना अत्यंत दु:खद हैं। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। इस्लामपुर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस लाइन लाया गया। जहां पुलिस लाइन में आईजी सुरेश चौधरी, डीएम डा. आदित्य प्रकाश, एसपी कुमार आशीष द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के बाद शव को पुलिस के साथ पैतृक गांव भेज दिया गया।

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