महाकाल मंदिर समिति ने उज्जैन महापौर की भस्मारती की 25 परमिशन रोकी

टटवाल बोले – स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा तो समिति ऐसा व्यवहार कर रही

उज्जैन, अग्निपथ। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने उज्जैन के महापौर मुकेश टटवाल की वीआईपी कोटे के तहत होने वाली भस्मारती परमिशन रोक दी है। यह बात मीडिया को खुद महापौर टटवाल ने चर्चा में बताई है। महापौर का कहना है कि हाल ही में उन्होंने उज्जैन के स्थानीय श्रद्धालुओं की दर्शन सुविधा को लेकर कलेक्टर को पत्र लिखा था। इससे नाराज होकर समिति ने उनकी परमिशन रोकी है।

इस विषय के बाद ऐसा लग रहा है कि अब महाकाल मंदिर समिति और उज्जैन के महापौर के बीच विवाद बढ़ गया है। महापौर ने मंदिर के अवंतिका द्वार से आधार कार्ड के जरिए आम उज्जैन के स्थानीय निवासियों के लिए सुलभ दर्शन की सुविधा शुरू कराई थी। लेकिन कुछ दिनों से श्रद्धालुओं को इसमें दिक्कत आ रही है। इसे लेकर महापौर ने कलेक्टर को पत्र लिखकर इस पर आपत्ति लेकर व्यवस्था में सुधार के लिए कहा था। इसके बाद मंदिर समिति ने महापौर को उनके कोटे से होने वाली 25 भस्मारती की परमिशन को रोक दिया है। हालांकि मामले में मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक का कहना है कि महापौर जी की ओर से आई सभी परमिशन नियम अनुसार समिति की जारी की है।

महापौर कोटे से लोगों को परमिशन के मैसेज तो आए पर पेमेंट नहीं

महापौर टटवाल ने बताया कि शनिवार की रात उनके कोटे से हुई भस्मारती की परमिशन के लिए उनके परिचित लोगों के पास मैसेज तो आए लेकिन पेमेंट नहीं हो रहा था। जब इसकी जानकारी लगने पर उन्होंने मंदिर समिति के लोगों से बात कि तो पता चला कि उनके कोटे की सभी 25 भस्मारती की परमिशन निरस्त कर दी गई है। इसके बाद उन्होंने मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक को फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।

कलेक्टर रोशन सिंह से बात की इसके कुछ देर बाद मंदिर प्रशासक कौशिक का मैसेज आया कि आपकी परमिशन बन रही है। अधिकारियों की अनदेखी से नाराज होकर महापौर ने इससे संबंधित एक वीडियो जारी कर नाराजगी व्यक्त की।

जाने महापौर सहित किन लोगों के लिए है भस्मारती का कोटा

महाकाल मंदिर समिति ने जनप्रतिनिधि, अधिकारी, मीडिया, संत-पुजारी को भस्मारती परमिशन के लिए वीआईपी कोटा स्वीकृत कर रखा है। इसी के तहत उज्जैन महापौर को रोज 25 भस्मारती की परमिशन की अनुमति है।

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