उन्हेल में हुई घटना-डीएफओ ने जांच बैठाई, स्टॉफ को भी बदलने की कार्रवाई की जाएगी
उज्जैन, अग्निपथ। उन्हेल में एक दुर्घटना में लकड़ी के टाल पर काम करने वाले मिस्त्री की मौत ने वन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने ला दी। यहां अवैध रुप से शाम 7 बजे के बाद तक टाल पर लकडियां काटने का अवैध काम चल रहा था। जब मिस्त्री काम खत्म कर घर के लिए निकला तो रास्ते में वह एक ट्रैक्टर ट्रॉली से टकरा गया। जिसमें अवैध लकडियां परिवहन की जा रही थी। घटना स्थल पर ही मिस्त्री की मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है। वहीं वन विभाग ने भी इस मामले में जांच बैठाई है।
उन्हेल में अनवर नामक व्यक्ति की लकड़ी की टाल है। नियमानुसार टाल पर लकडियों की कटाई सूर्यास्त के साथ ही शाम 6 बजे बंद हो जाना चाहिए, लेकिन यहां देर रात तक लकडियों की अवैध कटाई चलती है। यह जानकारी इस बात से साबित हो गई है कि लकडी की टाल पर मिस्त्री का काम करने वाले भूरू पिता आलम शाह उम्र 47 वर्ष निवासी गरवट मोहल्ला उन्हेल शाम 7 बजे के बाद टाल से काम खत्म कर निकले और उन्हेल-उज्जैन मार्ग पर अवैध लकडियों से भरे बगैर नंबर के ट्रैक्टर ट्राले से करीब 7.45 बजे टकरा गए।
सूत्रों के मुताबिक यह ट्रैक्टर ट्राला किसी पांचाल नामक व्यक्ति का है। इस घटना को काफी हद तक छुपाने का भी प्रयास किया गया। जबकि वन विभाग के विश्वसनीय सूत्रों से यह जानकारी प्राप्त हुई कि उन्हेल में धड़ल्ले से लकडियों की अवैध कटाई, अवैध परिवहन और टाल पर अवैध रूप से मशीन चलाई जा रही है।
वन विभाग के कर्मचारी अधिकारियों की बंदी
सूत्रों के हवाले से यह बात भी सामने आई है कि अवैध लकडी परिवहन के लिए वन विभाग के स्टॉफ के कुछ कर्मचारी और अधिकारी अवैध लकडी परिवहन और लकड़ी की टाल देर तक चलाने के एवज में भ्रष्टाचार करते हुए 1 हजार रुपए की बंदी लेते हैं। वन अधिकारियों का कहना है कि कि इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना
एसडीओ विक्रम सोलंकी को मामले की जांच सौंपी है। स्टॉफ को भी बदलने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
– अनुराग तिवारी, डीएफओ
