शाजापुर, अग्निपथ। डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर अपराधी अब केवल अनपढ़ों को ही नहीं, बल्कि बड़े पदों पर बैठे पढ़े-लिखे प्रोफेशनल्स को भी अपनी चालबाजी का शिकार बना रहे हैं। शाजापुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक फाइनेंस कंपनी के ‘ब्रांच क्रेडिट मैनेजर’ ऑनलाइन जॉब और मोटे कमीशन के लालच में आकर ठगी के ऐसे दलदल में फंसे कि अपनी और पत्नी की जीवन भर की जमा पूंजी गंवा दी। अज्ञात शातिर ठगों ने टेलीग्राम के जरिए जाल बिछाकर पीड़ित से कुल 21 लाख 23 हजार 79 रुपये ऐंठ लिए।
कमीशन का ऐसा लालच कि खो बैठी सोचने-समझने की शक्ति
मूल रूप से गुना निवासी और वर्तमान में शाजापुर में कार्यरत 37 वर्षीय प्रदीप साहू को 23 दिसंबर को टेलीग्राम पर एक आकर्षक मैसेज मिला। ‘मेहक मिश्रा’ और ‘पूजा श्री’ नाम की आईडी से आए संदेशों में उन्हें घर बैठे ओबेरॉय रियल्टी के प्रोजेक्ट्स पूरे करने का टास्क दिया गया। शुरुआत में जालसाजों ने प्रदीप का विश्वास जीतने के लिए उनके खाते में कुछ छोटी रकम और कमीशन भेजा। जैसे ही पीड़ित को काम असली लगने लगा, ठगों ने अपना असली खेल शुरू किया। आरोपियों ने मनोवैज्ञानिक दबाव बनाते हुए कहा कि आपका ‘बैलेंस माइनस’ में चला गया है और इसे रिकवर करने के लिए और पैसे जमा करने होंगे। टैक्स, केवाईसी और कमीशन रिलीज करने के नाम पर पीड़ित को इतना डराया गया कि उन्होंने अपने और अपनी पत्नी के क्रेडिट कार्ड तक स्वाइप कर दिए।
5 लाख की आखिरी डिमांड और फिर ग्रुप डिलीट
ठगी की इंतहा तब हुई जब पीड़ित ने अपनी मेहनत की कमाई वापस मांगनी शुरू की। शातिर अपराधियों ने अंतिम शर्त के रूप में 5 लाख रुपये और जमा करने की मांग रखी। जैसे ही पीड़ित ने और पैसे देने में असमर्थता जताई, आरोपियों ने रातों-रात टेलीग्राम ग्रुप डिलीट कर दिया और सभी संपर्क तोड़ लिए। ठगे जाने का अहसास होते ही प्रदीप ने तुरंत कोतवाली पुलिस की शरण ली।
सावधान! इन डिजिटल नामों के पीछे छिपे हैं शिकारी
पुलिस एफआईआर के अनुसार, ठगों ने अपनी पहचान मेहक मिश्रा, पूजा श्री, महेश और सिमरन कौर के रूप में बताई थी। कोतवाली पुलिस ने अब साइबर सेल की मदद से इन अज्ञात आरोपियों की कुंडली खंगालना शुरू कर दी है। पुलिस उन बैंक खातों और डिजिटल पहचानों की कड़ियाँ जोड़ रही है, जिनमें यह भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की गई है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान टेलीग्राम टास्क या ‘घर बैठे कमाई’ के झांसे में न आएं।
