शिव ज्योति अर्पणम महोत्सव : आज उज्जैन बनाएगा वल्र्ड रिकार्ड

शिप्रा तट पर एक साथ लगेंगे 13 लाख दीपक, 21 लाख दीपक से रोशन होगा पूरा शहर

उज्जैन. लगभग एक महीने की तैयारी के बाद आखिरकार परीक्षा की घड़ी आ पहुंची है। मंगलवार की शाम पूरे शहर के लिए परीक्षा का समय होगा। उज्जैन के हजारों लोग मिलकर शिप्रा तट पर एक साथ 13 लाख दीपक प्रज्वलित करेंगे। पूरे शहर में 21 लाख दीपक लगाए जाएंगे। विश्व के किसी शहर में अब तक इतनी बड़ी संख्या में एक साथ इतने दीपक कहीं नही लगाए गए।

उज्जैन की इस उपलब्धि को दर्ज करने के लिए गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड की टीम भी दो दिन पहले से उज्जैन में डेरा डाले हुए है। अब तक का सबसे बड़ा रिकार्ड अयोध्या सरयू घाट के नाम दर्ज है। पिछले साल नवंबर में अयोध्या सरयू घाट पर 9 लाख 41 हजार दीपक एक साथ प्रज्वलित करने का विश्व रिकार्ड कायम किया गया था। सबकुछ ठीक रहा तो मंगलवार की शाम उज्जैन नया वल्र्ड रिकार्ड बना देगा।

एक साथ 21 लाख दीपकों की रोशनी से पूरे शहर को जगमगाने के इस अनूठे अभियान को प्रशासन ने शिव ज्योति अर्पणम महोत्सव नाम दिया है। इसके अंतर्गत पुण्य सलिला मां क्षिप्रा के तट पर, देवस्थानों, मंदिरों और नगर में घर-घर दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इस पावन अवसर पर 21 लाख दीप प्रज्वलित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आव्हान पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, इसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी रहेगी। क्षिप्रा नदी के तट पर दोनों ओर 13 लाख से ज्यादा दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त नगर के देवस्थल महाकाल मंदिर, मंगलनाथ मंदिर कालभैरव मंदिर, गढक़ालिका, सिद्धवट, हरसिद्धि मंदिर, प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर दीप जलाए जाएंगे। नगर के नागरिक भी अपने घरों पर 5-5 दीप प्रज्वलित करेंगे। नागरिकों द्वारा उज्जैन नगर निगम के माध्यम से संकल्प पत्र भी भरे गए हैं।

कलेक्टर ने बताया कि शिव ज्योति अर्पणम् महोत्सव में व्यापक संपर्क अभियान के माध्यम से लोगों को जोड़ा गया है। लगभग 17 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने पंजीयन कराया है। इनमें विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, विद्यार्थी, खिलाड़ी, व्यवसायिक एवं सामाजिक संगठन, धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, सभी अखाड़ों के संतगण शामिल है।

प्रमुख आयोजन स्थल रामघाट रहेगा। यहां दीप प्रज्वलन की व्यवस्था के लिए ब्लॉक और सेक्टर बनाए गए हैं। प्रत्येक सेक्टर में स्वयंसेवकों को नियुक्त किया गया है, इनके साथ पर्यवेक्षक भी रहेंगे।

जीरो वेस्ट को लक्ष्य बनाकर होगा महोत्सव

शिव ज्योति अर्पणम महोत्सव में जीरो वेस्ट को लक्ष्य बनाकर कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई गई है। स्वयंसेवकों के पहचान पत्र क्यूआर कोड एप के माध्यम से रिसायकल पेपर से बनाए गए है। महोत्सव के पश्चात् दीयों का होम कम्पोस्टिंग, मटके, कुल्लइ आदि बनाने उपयोग किया जाएगा। कार्यक्रम पश्चात बचे हुए तेल का गौशाला आदि में इस्तेमाल किया जाएगा।

तेल की खाली बोतलों का 3-आर प्रक्रिया के माध्यम से पुन: उपयोग होगा। मोमबत्तियों को जलाने के लिए पेपर मैच बॉक्स का इस्तेमाल किया जाएगा। खाने-पीने के लिए केवल जैव-निम्नीकरणीय कटलरी, प्लेट का उपयोग किया जाएगा। आयोजन के सभी घटक मंत्रालय द्वारा जारी किए गए दिशानिर्देश के (जीरो बेस्ट कार्यक्रम मानक संचालन प्रक्रिया एसओपी) अनुसार ही तय किए जा रहे हैं।

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