हजारों पौधे, बीज नि:शुल्क वितरित किए, छत पर बनाया किचन गार्डन

उज्जैन, अग्निपथ। पर्यावरण योध्दा के रूप में पहचान बना चुके अर्पित गोयल ‘अनंत’ ने आज पर्यावरण दिवस के अवसर पर आमजन से पर्यावरण रक्षा का अनूठा संकल्प लेने को कहा है, आपने अनुरोध किया कि केवल हम पर्यावरण दिवस न मनायें बल्कि पर्यावरण के साथ जीने की आदत डालें, हम जीवन में वही करें जो पर्यावरण के लिए बेहतर है, वैसा ही जिये जो प्रकृति के लिये श्रेष्ठ है।

पटेल नगर अंकपात मार्ग पर निवास करने वाले अर्पित गोयल ‘अनंत’ ने को पर्यावरण योध्दा के नाम से भी जाना जाता है। अर्पित गोयल अनंत एवं परिवार द्वारा पिछले कई वर्षों से उज्जैन को नंबर वन बनाने के उद्देश्य से घर एवं दुकान से निकलने वाली पन्नियों को एकत्रित करके नर्सरी बनाई, बारिश में पौधे लगाकर निशुल्क वितरित करते हैं।

गोयल परिवार द्वारा अब तक हजारों पौधे नि:शुल्क वितरित किए जा चुके हैं और यह क्रम निरंतर जारी है। अर्पित गोयल की माता माधुरी गोयल घर से निकलने वाले गीले कचरे की खाद (होम कंपोस्टिंग) बनाते हैं और उनका उपयोग गार्डन के पेड़ पौधों नर्सरी मैं किया जाता है घरेलू खाद से सभी पौधों को पोषक तत्व मिल जाते हैं।

मोहन दास गोयल नमकीन की दुकान पर आने वाले ग्राहकों को नि:शुल्क बीज वितरित करते हैं। तुलसी, बेलपत्र, मीठा, नीम, गुलमोहर, अमलतास के बीज बारिश में आसानी से अंकुरित हो जाते हैं। नेहा गोयल द्वारा छत पर छोटा सा किचन गार्डन भी बनाया हुआ है जिसमें दैनिक उपयोग की सब्जियां जैसे धनिया, मिर्ची, मीठा नीम, टमाटर, पुदीना, गिलकी अदरक प्राप्त होते रहते हैं। जैविक खाद के उपयोग से सब्जियां पौष्टिक और स्वादिष्ट रहती है।

कई सामाजिक संस्थाएं एवं उज्जैन नगर निगम द्वारा अर्पित गोयल को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्य करने पर सम्मानित किया जा चुका है। सप्त सागरों के गहरीकरण पौधा रोपण एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्यों हेतु गोयल सदैव तत्पर रहते हैं और अन्य को प्रेरित करते रहते हैं।

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