उज्जैन। घट्टिया थाना क्षेत्र से लापता हुई एक 15 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने बड़ौद के कोटड़ी गांव से सकुशल बरामद कर लिया है। एक युवक उसे डरा-धमकाकर अपने साथ ले गया था और वहां एक खेत में बनी झोपड़ी में बंधक बनाकर लगातार घिनौनी वारदात को अंजाम दे रहा था।
पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए आरोपी ने मोबाइल और सिम कार्ड दोनों तोड़ दिए थे, ताकि उसकी लोकेशन न मिल सके। हालांकि, कॉल डिटेल की सघन जांच के बाद पुलिस आखिरकार उस तक पहुंचने में कामयाब रही और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
कुमारड़ी से अचानक लापता हुई थी 15 वर्षीय किशोरी
मूल रूप से नागदा के किराडिया का रहने वाला एक परिवार घट्टिया क्षेत्र के कुमारड़ी गांव में रहकर मजदूरी करता है। बीते 10 जून को उनकी नाबालिग बेटी अचानक घर से लापता हो गई, जिसकी परिजनों ने काफी तलाश की।
हर जगह ढूंढने के बाद जब बेटी का कहीं सुराग नहीं लगा, तो परेशान पिता ने घट्टिया थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर संदेही नंबरों की तकनीकी जांच शुरू कर दी।
सीडीआर खंगालने पर सामने आया तीसरा नंबर
जांच के दौरान पुलिस ने किशोरी के परिजनों और करीबियों के मोबाइल फोन की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकाली। इस छानबीन में पुलिस टीम को तीन ऐसे संदिग्ध नंबर मिले, जिन पर लगातार बातचीत की गई थी।
इनमें से दो नंबर तो परिवार के परिचितों के निकले, लेकिन तीसरा नंबर आगर मालवा की कानड़ तहसील के रहने वाले धर्मेंद्र नायक का था। पुलिस ने जब इस नंबर की कुंडली खंगाली, तो वह वर्तमान में कोटड़ी गांव के एक खेत में काम करता मिला।
मेडिकल रिपोर्ट के बाद बढ़ाई गईं संगीन धाराएं
पुलिस टीम जब दबिश देने चिन्हित खेत पर पहुंची, तो नाबालिग आरोपी धर्मेंद्र की झोपड़ी में ही बंद मिली। पीड़िता ने बताया कि आरोपी से उसकी पहचान खेत पर काम करने के दौरान हुई थी और वह उसे बहला-फुसलाकर यहां लाया था।
मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट और अपहरण के साथ दुष्कर्म की धाराएं बढ़ा दी हैं। आरोपी को जेल भेजकर मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

