हनुमान जी की शरण में पहुंचे रहवासी
उज्जैन, (मोरेश्वर राव उलारे) अग्निपथ। शहर की अंबर कॉलोनी और साईंधाम क्षेत्र में पिछले पांच महीनों से एक ऐसा खौफ पसरा हुआ है, जिसने हर परिवार की रातों की नींद उड़ा दी है। पिछले 150 दिनों के भीतर इन दोनों कॉलोनियों में करीब 22 लोगों की असामयिक मृत्यु हो चुकी है। औसतन हर पांचवें दिन किसी न किसी घर से उठती अर्थी ने स्थानीय निवासियों को बुरी तरह दहला दिया है। अचानक बढ़ती इन मौतों के कारण क्षेत्र में अज्ञात भय और तरह-तरह की आशंकाएं पनपने लगी हैं।
संकट के इस दौर में काल के भय से मुक्ति पाने और मृतकों की आत्मा की शांति के लिए अब रहवासियों ने ईश्वर की शरण ली है। बुधवार को अंबर कॉलोनी और साईंधाम के निवासियों ने एकजूट होकर सामूहिक सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया, ताकि कॉलोनी को इस अनजाने भय से राहत मिल सके।
हर तीसरे-चौथे दिन उठ रही अर्थी, सहमे लोग
रहवासी संघ के वरिष्ठ सदस्य भैरवसिंह पड़ियार ने क्षेत्र के हालात बयां करते हुए बताया कि पिछले पांच महीनों से स्थिति बेहद खौफनाक बनी हुई है। कॉलोनी के लोग हर तीसरे या चौथे दिन किसी न किसी पड़ोसी की अंतिम यात्रा में शामिल हो रहे हैं। अचानक हुई बीमारियों, कार्डियक अरेस्ट और आत्महत्या जैसी घटनाओं ने पूरे इलाके का माहौल गमगीन कर दिया है।
हाल ही में हुई कुछ घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। अंबर कॉलोनी निवासी दशरथ सिंह की नाबालिग पुत्री ने अज्ञात कारणों के चलते आत्महत्या कर ली। इससे कुछ ही समय पहले २८ वर्षीय युवा गौरव (पिता अशोक शर्मा) ने भी अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी। इसके अलावा, विद्यापति कैलाश चंद्र कौशल की अचानक तबीयत बिगड़ने और ब्लड प्रेशर लो होने से मौत हो गई, जबकि शीतल राठौर नाम की हंसती-खेलती महिला को अचानक कार्डियक अरेस्ट आया और उनकी जान चली गई। एक के बाद एक हुई इन दुखद घटनाओं ने कॉलोनी के हर नागरिक के मन में एक गहरा डर बैठा दिया है।
ईश्वर भक्ति में ढूंढा संकट का समाधान
लगातार हो रही मौतों से भयभीत रहवासियों ने आपस में बैठक कर निर्णय लिया कि क्षेत्र को इस अनजाने संकट से बचाने के लिए आध्यात्मिक अनुष्ठान की आवश्यकता है। बुधवार को आयोजित सुंदरकांड पाठ के दौरान कॉलोनी के सैकड़ों स्त्री-पुरुष एकत्रित हुए।
पाठ के माध्यम से भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम से प्रार्थना की गई कि वे शोक संतप्त परिवारों को यह असहनीय दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। साथ ही, संकटमोचन श्री हनुमान जी से यह कामना की गई कि वे कॉलोनी के हर नागरिक की अज्ञात भय, बीमारियों और अकाल मृत्यु से रक्षा करें।
कोरोना वैक्सीन से जोड़कर देख रहे कुछ लोग, तो कुछ बता रहे भ्रम
क्षेत्र में इतनी बड़ी संख्या में हो रही मौतों को लेकर स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं भी जारी हैं। कुछ रहवासियों का मानना है कि कोरोना वैक्सीनेशन के बाद से अचानक हार्ट अटैक और अचानक बीमार होकर दम तोड़ने के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। लोग इसे वैक्सीन के दुष्प्रभावों से जोड़कर देख रहे हैं।
हालांकि, कॉलोनी के ही कई बुद्धिजिवियों का कहना है कि यह केवल एक भ्रांति हो सकती है। टीकाकरण को हुए लगभग पांच साल बीत चुके हैं, इसलिए इतनी अवधि के बाद होने वाली मौतों का सीधा संबंध वैक्सीनेशन से जोड़ना सही नहीं है।
इन 22 लोगों ने गंवाई अपनी जान
पिछले पांच महीनों में जिन नागरिकों का असामयिक निधन हुआ है, उनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- देहलता पति नंदकिशोर साहू (साईंधाम कॉलोनी, कार्डियक अरेस्ट)
- किशनलाल चौहान (दुग्ध संघ कर्मचारी, हार्ट अटैक)
- गोपीचंद आडवाणी
- राजा पिता रामदयाल खत्री (पार्षद नीलू-राजू खत्री के पुत्र)
- आनंदीलाल जोशी (पूर्व प्रशासक, महाकाल मंदिर)
- सुभाष जाटव
- शीतल राठौर (कार्डियक अरेस्ट)
- अशोक जाधव
- बाबूलाल बाथम (बैंक कर्मी)
- कैलाश चंद्र वैद्य (सेवानिवृत्त शिक्षक)
- अंकुर यादव (उम्र 25 वर्ष)
- . विद्या पति दिलीप कौशल (उम्र 40 वर्ष, एक दिन की बीमारी में निधन)
- साधना रायकवार (उम्र 50 वर्ष)
- विजय सिंह (हेड कांस्टेबल)
- भागवंती बाई
- गौरव पिता अशोक शर्मा (उम्र 28 वर्ष, आत्महत्या)
- भरत शर्मा (उम्र 45 वर्ष)
- भूरू यादव उर्फ मामा
- श्रीमती मोटवानी
- प्रद्योत कुमार चंदेल
- श्रीमती सरला बैस
दशरथ सिंह की नाबालिग पुत्री (आत्महत्या)
फिलहाल, कॉलोनी के निवासी भय के इस साए से निकलने के लिए रामभक्त हनुमान के भरोसे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि क्षेत्र में जल्द ही शांति और सकारात्मक माहौल वापस लौटेगा।

