कोरोना को लेकर देश व शहर ने लाकडाउन का दंश करीब 5 माह से भी अधिक समय तक झेला है और अभी भी इस दंश की कुछ किस्ते चुकायी जा रही है। यहां पर जिला प्रशासन ने सबसे पहले महाकाल मंदिर में प्रवेश को लेकर कुछ नियम बनाये हैं और उसमें भस्मारती दर्शन के साथ बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों और स्थानीय दर्शनार्थी के साथ आये बच्चों के प्रवेश पर रोक लगा रखी है। जिससे आने वाले दर्शनार्थियों को दर्शन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। क्योंकि बच्चों को अगर बाहर छोड़ा तो एक व्यक्ति को बाहर ही बच्चों के साथ रहना पड़ेगा। जिससे वह दर्शन से वंचित रह जायेगा। चूंकि उज्जैन धार्मिक नगरी है और यह त्योहरों को लेकर एक अलग ही उत्साह रहता है। लेकिन जिला प्रशासन ने अनेक उत्सवों पर प्रतिबंध लगाकर उनका आनंद ही खत्म कर दिया है। अब दीपोत्सव आ रहा है और उसके पूर्व कार्तिक पूर्णिमा स्नान पर कोरोना को देखते हुए प्रतिबंध लगा दिया है लेकिन इसका ब्राह्मण समाज ने विरोध करते हुए ज्ञापन के माध्यम से इस पर से प्रतिबंध हटाने की मांग की है। जिला प्रशासन को अब समझना चाहिए कि नागरिक कोरोना को लेकर काफी जागरूक हो चुके हैं और सुरक्षा को लेकर चिङ्क्षतत भी रहते हैं।
Next Post
दिल्ली ही नहीं, नोएडा-गुड़गांव समेत पूरे एनसीआर में आज रात से पटाखे बैन, एनजीटी का आदेश
Mon Nov 9 , 2020
नई दिल्ली। वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने एक आदेश में कहा कि जिन शहरों में एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉडरेट है, वहां सिर्फ ग्रीन पटाखे ही बेचे जा सकते […]

यह भी पढ़ें
-
5 years ago
खबरों के उस पार: इसलिये लेना पड़ा निर्णय..!
-
5 years ago
खबरों के उस पार: अब लड्डू से कमाई की तैयारी..!
-
6 years ago
महाकाल मंदिर फिर सुर्खियों में…!
-
5 years ago
खबरों के उस पार : मंत्री की नजर अब मंडी पर..!
