महामारी में नागदा की जनता को जिला नहीं होने का भारी खामियाजा भुगतना पड़ा

नागदा जं., अग्निपथ। भाजपा सरकार नागदा को जिला बनाने की कार्यवाही पूर्ण कर देती तो आज नागदा जिले के रूप में रहता और जिला चिकित्सालय सहित जिला स्तरीय चिकित्सा सुविधा और विशेषज्ञ डॉक्टर की सुविधा नागदा के क्षेत्र के नागरिकों को मिलती तथा क्षेत्र के कई लोगों की जान बच जाती।

जिला कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष सुबोध स्वामी ने बताया कि सांसद फिरोजिया ने उज्जैन जिला होने के कारण उज्जैन में दुसरे मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति करवाई है यदि नागदा जिला होता तो नागदा को भी एक मेडिकल कॉलेज की सुविधा मिल जाती।

नहीं हो पाई माकुल व्यवस्थाएं

श्री स्वामी ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन व बेड जिसकी सबसे ज्यादा जरूरत महसूस हुई उसकी नागदा-खाचरौद में पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई। क्षेत्र के नागरिकों को कोरोना महामारी से संक्रमित अपने परिजनों को आईसीयू व ऑक्सीजन बेड के अभाव में आसपास के बड़े शहरों इन्दौर, उज्जैन, रतलाम, बड़ौदा, भोपाल सहित अन्य शहरों में भटकना पड़ा जहां उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा और बेड भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे है। साथ ही इस दौरान हमारे ही कई परिजन महामारी से लड़ते हुए इलाज के अभाव जिन्दगी की जंग हार गए।

जिला स्तर पर होता है स्वास्थ्य सुविधाओं का आवंटन

श्री स्वामी ने बताया कि केन्द्र व राज्य से जो भी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है जैसे मेडिसीन, रेमडेसिविर इंजेक्शन व अन्य संसाधन पहले जिले स्तर पर फिर ब्लॉक स्तर पर आते है यदि नागदा जिला होता तो सारे संसाधन नागदा में आते और नागदा से ही इसका वितरण होते हुए खाचरौद, महिदपुर, आलोट क्षैत्र के नागरिकों को सुविधा मिलती।

केबिनेट ने स्वीकृत किया है नागदा जिला का प्रस्ताव, गजट नोटिफिकेशन शेष

श्री स्वामी ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा विधायक दिलीपसिंह गुर्जर के अनुरोध पर मंत्री परिषद् में नागदा को जिला बनाने के स्वीकृत किए गए प्रस्ताव पर भाजपा सरकार समय रहते नागदा को जिला बनाने की प्रक्रिया को क्रिन्यान्वित कर देती तो क्षेत्र के नागरिकों को जिले की सौगात के साथ-साथ हर चिकित्सा सुविधा मुहिया होती जो जिला स्तर पर शासन द्वारा प्रदान करना होती है।

तत्काल बनाना चाहिए नागदा को जिला

नागदा जिले की घोषणा के पश्चात प्रदेश भाजपा सरकार द्वारा त्वरित निर्णय लेकर जिले की कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाती तो नागरिकों को इस गंभीर महामारी में असामान्य परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। भविष्य में इस महामारी के बढते रूख को देखते हुए भाजपा सरकार को तत्काल नागदा को जिला घोषित करना चाहिए।
बेड, इंजेक्शन एवं ऑक्सीजन की

 

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