30 मिनट में टापू पर फंसे मवेशियों को निकाला

उज्जैन, अग्निपथ। होमगार्ड के इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर पर बुधवार सुबह टापू पर फंसे 5 मवेशियों की सूचना मिलने के बाद एसडीईआरएफ की टीम ने 30 मिनट में रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया। शहर में होमगार्ड टीम इस तरह का यह पहला रेस्क्यू था।

होमगार्ड डिस्ट्रिक कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने बताया कि आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ आपदा से लोगों को बचाने के लिये होमगार्ड लाइन में इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर बनाया गया। जहां बुधवार सुबह तहसीलदार अनिरुद्ध मिश्रा ने सूचना देकर बताया कि त्रिवेणी शनि मंदिर स्थित क्षिप्रा नदी में पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से कुछ जल स्तर बढ़ गया और कुछ गाये विचरण के दौरान नदी के बीच टापू पर फंसी है। अगर उन्हें बाहर नहीं निकला गया तो उनकी जान जा सकती है।

सूचना पर तत्काल एसडीईआरएफ की टीम को रवाना किया। जहां गोवंश को बाहर निकालने के लिये टीम में शामिल सैनिक पंकज मण्डलोई, जितेन्द्र भदौरिया, भैरूलाल सोलंकी, सुनील मेवाड़ा, राजेन्द्र राठौर अन्य सैनिको ने रेस्क्यू की शुरुआत की और 30 मिनट में ही पांच गायों को बाहर निकाल लिया गया। अब तक होमगार्ड की क्वीट रिस्पांस टीम और डिजास्टर रिस्पांस सेंटर टीम ही कार्य करती थी और नदी में डूबने वाले बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को बचाने और खोजने का काम करती थी।

किन एसडीईआरएफ (स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स) टीम बनाई गई है। जिसमें शामिल सैनिक पूणे से ट्रेनिंग लेकर लौटे है। जिससे अब आपदा से निपटने के लिये एक बेहतर टीम तैयार हो चुकी है। टीम का पहला ही रेस्क्यू गोवंश को बचाने का करना पड़ा, जो पूरी तरह से सफल रहा है।

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