उज्जैन में शराबखोरों का दुस्साहस, पुलिस दल पर हमला कर आरक्षक की अंगुली काटी

उज्जैन, अग्निपथ। मध्य प्रदेश के उज्जैन में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे कानून के रखवालों पर भी जानलेवा हमला करने से नहीं हिचकिचा रहे हैं। पिछले महज तीन दिनों के भीतर पुलिस बल पर हमले की यह दूसरी अत्यंत गंभीर घटना सामने आई है। शहर के नीलगंगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सांवराखेड़ी इलाके में खुलेआम शराबखोरी कर रहे उपद्रवियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस टीम को ही अपना निशाना बना लिया।

इस सनसनीखेज वारदात के दौरान आरोपियों ने न केवल पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की, बल्कि एक आरक्षक की अंगुली तक काट डाली। इसके अलावा पुलिस वाहन के चालक को भी गंभीर चोटें पहुंचाई गईं हैं। इस पूरी घटना के बाद से पुलिस महकमे में भारी रोष व्याप्त है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आधा दर्जन से अधिक उपद्रवियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।

बाजार बंद कराते समय हुआ विवाद

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार नीलगंगा थाने में पदस्थ आरक्षक विक्रम सिंह चौहान जिनकी आयु अड़तालीस वर्ष है, उनकी ड्यूटी पुलिस सहायता वाहन यानी एफआरवी पर लगाई गई थी। शुक्रवार की रात करीब साढ़े दस बजे वे वाहन चालक व पायलट लोकेंद्र के साथ मिलकर बाजार बंद कराने की प्रक्रिया में जुटे हुए थे।

इसी दौरान जब उनकी टीम सांवराखेड़ी रोड स्थित बंधन गार्डन के समीप पहुंची, तो वहां सड़क के किनारे सात से आठ युवक खुलेआम शराब का सेवन कर रहे थे। स्थिति को भांपते हुए आरक्षक विक्रम सिंह ने उन सभी युवकों को वहां से हटने और अपने घर जाने की हिदायत दी। पुलिस की इस जायज बात से नशे में धुत युवक आगबबूला हो गए और उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ खुलेआम गाली-गलौज शुरू कर दी।

बात यहीं खत्म नहीं हुई, बल्कि उन उपद्रवियों ने चालक लोकेंद्र के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उसके कपड़े भी फाड़ डाले और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई।

अतिरिक्त बल बुलाने पर हुआ खूनी संघर्ष

युवकों का नशा और उनका आपराधिक रवैया इस कदर बढ़ चुका था कि वे किसी भी सूरत में काबू में आने का नाम नहीं ले रहे थे। बिगड़ती हुई स्थिति को देखते हुए तुरंत वायरलैस सेट के माध्यम से उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई और मौके पर चीता पार्टी के साथ-साथ एक अन्य पुलिस सहायता वाहन को भी सहायता के लिए बुलाया गया।

जैसे ही पुलिस बलों ने मिलकर उन हमलावर युवकों को घेरकर पकडऩे का प्रयास किया, उन्होंने और अधिक आक्रामक रुख अपना लिया। इस दौरान आरोपियों ने प्रशांत खेरवार जिनकी आयु बयालीस वर्ष है, उनके ऊपर अचानक लाठी-डंडों व धारदार चीजों से हमला बोल दिया। इस छीनाझपटी और हाथापाई के बीच आरोपियों ने इतनी बेरहमी से वार किया कि आरक्षक की अंगुली कटकर अलग हो गई।

हालांकि पुलिस ने अपनी तत्परता दिखाते हुए मौके से तीन मुख्य आरोपियों को दबोचने में सफलता प्राप्त कर ली, जबकि उनके अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से फरार होने में कामयाब हो गए।

तीन गिरफ्तार और अन्य की तलाश जारी

इस दुस्साहसिक वारदात के तुरंत बाद मौके पर पहुंची दो पुलिस सहायता वाहनों और चीता पार्टी के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए उपद्रवियों की पहचान विकास लोधी, अंकित चौहान और यश परमार के रूप में हुई है, जो सभी नीलगंगा क्षेत्र के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं।

घायल आरक्षक विक्रम सिंह चौहान की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने इन तीनों नामजद आरोपियों सहित करीब आधा दर्जन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी नामजद तथा गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए हैं। पुलिस अब इन फरार आरोपियों की तलाश में शहर के विभिन्न ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है ताकि जल्द से जल्द सभी को कानून के दायरे में लाया जा सके।

उन्हेल की पुरानी घटना के आरोपी अभी भी फरार

उज्जैन जिले में पुलिस पर हमलों का यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में उन्हेल थाने के नागझिरी गांव के भीतर एसआई धारा सिंह तथा अन्य आरक्षकों के ऊपर जानलेवा हमला करने वाले कुल सात आरोपी थे जिनमें से चार आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं।

पुलिस लगातार उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है ताकि उन्हें भी जल्द दबोचा जा सके। हालांकि इस पुराने मामले में पकड़े गए आरोपियों में से दो को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, लेकिन बार-बार पुलिस पर हो रहे ऐसे हमलों ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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