केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में डीपीएफ कांड : डीजी ने मांगा रिकार्ड-छह माह में कितने कैदियों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया

bhairavgarh jail ujjain

डीपीएफ घोटाले में फरार आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम घोषित

उज्जैन,अग्निपथ। केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में डीपीएफ कांड सामने आने के बाद भ्रष्टाचार के नित नए खुलासे होते जा रहे हैं। इसी कड़ी में जेल डीजी अरविंद कुमार ने छह माह में कैदियों को जिला अस्पताल भेजने की जानकारी तलब की है। इधर एसएसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल ने गबन कांड मे फरार तीनों आरोपियों पर सोमवार को १०-१० हजार रुपए का ईनाम घोषित कर दिया।

भैरवगढ़ जेल में करीब ५ साल में ६८ कर्मचारियों के भविष्य निधि से करीब १५ करोड़ रुपए निकालकर घोटाला करने के मामले में जांच चल रही है। इसी दौरान कुछ समय में ही जेल में खाद्यान्न, गौशाला घोटाले के साथ ही जेल ठेके पर देने के भी मामले सामने आए। अभी इनमें जांच शुरू भी नहीं हो पाई कि पता चला जेल मुख्यालय ने दिसंबर से पूर्व छह माह में जेल से मेडिकल लगाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए कैदियों की सूची मांगी है। वजह इस संबंध में चल रही जांच है।

दरअसल एक व्यक्ति ने दिसंबर माह में सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत तत्कालीन जेल अधीक्षक उषा राज से उक्त जानकारी मांगी थी। जानकारी नहीं देने पर संबंधित ने डीजी कुमार को शिकायत की गई थी। मामले में डीजी कुमार ने जांच के आदेश दिए थे। इसी के चलते हाल ही में मुख्यालय ने पत्र भेजकर कैदियों की जानकारी मांगी है, जिससे पता लगाया जा सके कि कितने कैदियों को क्यों अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

व्यापारी का नाम भी खुला

उषा राज हर सप्ताह प्रहरी देवेंद्र व संदीप के साथ पटनी बाजार में सोने-चांदी के व्यापारी आनंद के यहां जाती थी। बताया जाता है कि वह आनंद को मुलाकात, फोन व केंटीन से निजी मददगार से कमाए रुपए जमा कराती थी। उक्त राशि लाखों रुपए में होती थी। पुलिस को पता चला है कि आनंद के पास उषाराज के करोड़ों रुपए है। जानकारी के बाद इस बिंदू पर भी जांच हो सकती है। इस संबंध में पुलिस प्रहरी विक्रम राठौर, अजय व्यास व ज्योति राणावत की भी छानबीन कर रही है।

पूरे घटनाक्रम के जेल प्रहरी बने वांटेड

10 मार्च को डीपीएफ घोटाला खुलने के बाद मुख्य आरोपी रिपुदमनसिंह फरार हो गया था। प्रहरी शैलेंद्रसिंह सिकरवार व धर्मेद्र लोधी भी अपने खाते में करीब १० करोड़ रुपए के लेनदेन का खुलासा होते ही रफूचक्कर हो गए। काफी प्रयास के बाद भी तीनों का सुराग नहीं मिलने पर एसएसपी शुक्ल ने तीनों पर १०-१० हजार रुपए ईनाम घोषित कर दिया। याद रहे रिपुदमन ने ही उषा राज के आईडी पासवर्ड की मदद से गबन किया है। गबन की राशि के मामले में पुलिस को पिंटू तोमर, राहुल मालवीय व सुशील परमार की भी तलाश रही है।

जेल में हुए गबन कांड में फरार तीनों आरोपियों का अब तक सुराग नहीं मिला है। तीनों पर १०-१० हजार रुपए ईनाम घोषित किया गया है।

– सत्येंद्र कुमार शुक्ल, एसएसपी उज्जैन

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