नितिन गडकरी ने वैक्सीन प्रोडक्शन बढ़ाने का दिया यह आइडिया तो कांग्रेस बोली- क्या आपके बॉस सुनेंगे?

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खिलाफ जंग में वैक्सीनेशन अबतक सबसे बड़ा हथियार है और कई जगहों पर टीकों की कमी की वजह से टीकाकरण अभियान में रुकावट देखी जा रही है। हालांकि, इस बीच कई राज्यों में वैक्सीन की किल्लत को दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने केंद्र सरकार को सुझाव देते हुए कहा है कि देश में वैक्सीन बनाने के लिए दूसरी कंपनियों को भी लाइसेंस मिलने चाहिए ताकि उत्पादन बढ़ाया जा सके। हालांकि, नितिन गडकरी के इस सुझाव को हथियार बनाकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा है।

नितिन गडकरी के सुझाव वाले वीडियो को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए कांग्रेस के दिग्गज नेता जयराम रमेश ने बिना नाम लिए नरेंद्र मोदी पर तंज कसा और कहा, ‘क्या उनके बॉस यह सुन रहे हैं? 8 अप्रैल को डॉ मनमोहन सिंह ने भी ऐसा ही सुझाव दिया था।’

दरअसल, 18 जनवरी को विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को वीडियो कन्फ्रेंसिंग के जरिये संबोधित करते हुए नितिन गडकरी ने कहा था कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस बारे में आग्रह करेंगे कि देश में जीवन रक्षक दवाओं का उत्पादन बढ़ाने के लिये और दवा कंपनियों को मंजूरी देने के लिये कानून बनाया जाना चाहिये। इसमें दवा के पेटेंट धारक को अन्य दवा कंपनियों द्वारा 10 प्रतिशत रॉयल्टी देने की व्यवस्था की जानी चाहिये।

उन्होंने कहा, ‘यदि टीके की आपूर्ति के मुकाबले उसकी मांग अधिक होगी तो इससे समस्या खड़ी होगी। इसलिये एक कंपनी के बजाय 10 और कंपनियों को टीके का उत्पादन करने में लगाया जाना चाहिये। इसके लिये टीके के मूल पेंटेंट धारक कंपनी को दूसरी कंपनियों द्वारा दस प्रतिशत रॉयल्टी का भुगतान किया जाना चाहिये।’

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि भारत को अभी भी दवाओं के लिये कच्चा माल विदेशों से मंगाना पड़ता है। हम आत्मनिर्भर भारत बनाना चाहते हैं .. भारत के सभी जिले चिकित्सा आक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर होने चाहिये। उन्होंने कहा कि देश का स्वास्थ्य क्षेत्र इस समय गहरे संकट से गुजर रहा है। महामारी के दौरान हमें सकारात्मक रुख रखते हुये आत्मविश्वास को बनाये रखना चाहिये।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस संबंध में पत्र लिखकर कहा कि केन्द्र को टीका बनाने वाली दोनों कंपनियों का फार्मूला अन्य सक्षम दवा विनिर्माता कंपनियों को देना चाहिये ताकि टीके का उत्पादन बढ़ाया जा सके। वर्तमान में देश में कोरोना रोधी टीके का उत्पादन दो कंपनियां कर रही हैं। पहली भारत बायोटेक जो कोवैक्सिन टीका बना रही है और दूसरी सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया जो कि कोविशील्ड का उत्पादन कर रही है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन दोनों कंपनियों को दूसरी कंपनियों द्वारा टीका उत्पादन से होने वाले मुनाफे में से रायल्टी दी जा सकती है। देश में फिलहाल तीन टीकों को ही इस्तेमाल की अनुमति मिली है — कोवैक्सीन, कोविशील्ड और स्पुतनिक- वी। डा. रेड्डीज लैब स्पुतनिक- वी का रूस से आयात कर रही है। फिलहाल देश में इसकी उपलब्धता व्यापक स्तर पर नहीं है। देश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के 2,63,533 नये माले सामने आये हैं। इन्हें मिलाकर संक्रमण से ग्रसित लोगों की कुल संख्या 2,52,28,996 तक पहुंच गई है।

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