परिणाम आने के पहले ही बनवा दी भविष्यवक्ताओं ने सरकारें

बिहार में हुए अंतिम चरण के मतदान बाद प्रत्याशियों का भाग्य इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में बंद हो गया है। मध्यप्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिये हुए उपचुनावों का मतदान 3 नवंबर को ही संपन्न हो चुका है। अब आने वाले 65 घंटे दूरदर्शन के समाचार देखने वाले दर्शकों को भारी पडऩे वाले हैं। परिणाम चाहे जो भी आये परंतु हर समाचार चैनल अपने-अपने हिसाब से राजनैतिक दलों को जिता और हरा रहे हैं।

कुछ ख्यातिनाम चैनल तो स्पष्ट बहुमत प्राप्त ना होने की स्थिति के बाद आने वाले परिदृश्य का भी सचित्र चित्रण कर देंगे और भविष्यवाणी भी कर देंगे कि अमुक-अमुक दल मिलकर सरकार बना लेंगे। पूरे देश में छुटपुट उपचुनाव तो अन्य राज्यों में भी हुए हैं जिसमें लोकसभा की सीटें भी शामिल है परंतु सबसे महत्वपूर्ण चुनाव बिहार और मध्यप्रदेश के ही हैं जिनके परिणाम यह तय करेंगे कि बिहार में सत्ता का ताज नीतिश के सिर पर होगा या तेजस्वी यादव के? मध्यप्रदेश के चुनाव परिणाम भी कमलनाथ और शिवराज का भविष्य तय करेंगे।

मतदान समाप्त होते ही राजनैतिक पंडित मतदान प्रतिशत के आधार पर परिणामों का विश्लेषण करेंगे कुछ जानकार अधिक मतदान को सत्ता पक्ष के लिये अनुकूल बतायेंगे, दूसरा पक्ष अधिक मतदान को सत्ताधारी दल के लिये प्रतिकूल बतायेगा। इसी तरह ज्योतिष अपने-अपने हिसाब से ग्रह और नक्षत्रों की स्थिति का अध्ययन कर रहे हैं साथ ही उम्मीदवारों की कुंडलियां खंगाल रहे हैं और अपने-अपने हिसाब से प्रत्याशियों की जन्म कुंडलियों का फलित कर रहे हैं।

चुनावी समर में जो राजनैतिक यौद्धा अपना भाग्य आजमा रहे हैं वह भी परिणाम आने के पूर्व पूजा-पाठ, तंत्र-मंत्र यज्ञ, अनुष्ठान में लग गये हैं। सर्वशक्तिमान उस अदृश्य शक्ति को मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों और गिरजाघरों में ढूँढकर धार्मिक स्थलों की चौखटों पर माथा टेककर अपनी विजय के लिये दया याचना कर रहे हैं।

इंदौर की प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य श्रीमती मीनाक्षी श्रीवास्तव का मत है कि कुंडलियों के अनुसार शिवराज सिंह जी की कुंडली में शनि की महादशा में केतू की अंतर्दशा चल रही है एवं शनि की प्रत्यंतर्दशा। शनि एवं केतू कुंडली में अच्छा फल नहीं दे रहे हैं इसलिये आने वाले चुनाव परिणाम उनकी आशा के अनुकूल नहीं होंगे, बाधाओं का भी सामना करना पड़ेगा, परंतु जनवरी 2021 से बुध की प्रत्यंतर्दशा के आते ही स्थिति मजबूत हो जायेगी एवं मार्च 2021 से शुक्र की अंतर्दशा शुरू होते ही चौतरफा लाभ मिलेगा। पद प्रतिष्ठा में निरंतर वृद्धि होती चली जायेगी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया जी की कुंडली में ग्रह नक्षत्र सितारे शुभ संकेत नहीं दे रहे हैं। ग्रहों की स्थिति बता रही है कि उनका प्रभाव इन चुनाव परिणामों के बाद कम होगा उनके कई समर्थक इन चुनावों में पराजित होने जा रहे हैं। परंतु नवंबर 2023 से बुध की महादशा आते ही उनका समय अच्छा प्रारंभ होगा और राजनीति में उनका कद और बढ़ेगा।

कमलनाथ जी के सितारे अभी गर्दिश में है परंतु फरवरी 2021 से बुध की महादशा प्रारंभ होने पर यह उनके लिये शुभ है और वह राजनैतिक रूप से मजबूत होंगे। 2021 से 2023 तक उनका समय उनके लिये बहुत शुभ है कुंडली में बुध, मंगल, शुक्र अच्छे हैं अन्य ग्रह साधारण। उनकी कुंडली बता रही है कि उनके द्वारा किये गये परिश्रम अनुसार उन्हें फल नहीं मिलेगा कुल मिलाकर ज्योतिषाचार्य श्रीमती मीनाक्षी श्रीवास्तव अनुसार आगामी 10 नवंबर को आने वाले चुनाव परिणामों में संभावना है कि काँग्रेस 10 सीटों पर विजय प्राप्त करेगी और भारतीय जनता पार्टी को 15 से अधिक सीटें मिलने की संभावना है।

ज्योतिष गणित के हिसाब से तो बिहार में भी नीतिश कुमार की जनता दल युनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है हालांकि इसकी संभावना कम नजर आ रही है परंतु फिर भी यह एक आकंलन है न्यूज चैनलों के सर्वे की तरह जिन्हें अनेक अवसर पर भारत के मतदाताओं द्वारा दिये गये परिणामों ने झूठा साबित किया है। खैर सच-झूठ और अनुमानों, सर्वों के सही गलत का फैसला तो 10 नवंबर को ही पता चल सकेगा तब तक हमें इंतजार और सिर्फ इंतजार ही करना है।

-अर्जुनसिंह चन्देल

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