बालिका से दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की कैद, साथी को भी सजा

उज्जैन,अग्निपथ। नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के केस में विशेष न्यायालय ने गुरुवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने करीब तीन साल पहले हुई घटना में दो युवकों को कठोर कारावास दिया है। वहीं दंपत्ति को पीटने के प्रकरण में नागदा न्यायालय ने महिला सहित छह को सजा सुनाई है।

मुकदमा -1-मजदूरी करने आए परिवार की 14 वर्षीय बालिका को 22 फरवरी 2018 तडक़े धार निवासी जवार सिंह उर्फ जुवारसिंह, (25) साथी गोपाल पिता भैरूलाल (19) की मदद से घर में सोते से उठाकर ले गया था। अपहरण के बाद गोपाल ने किशोरी से दुष्कर्म कर डाला था। नानाखेड़ा पुलिस ने अपहरण केस दर्ज कर बालिका को बरामद कर दोनों को गिरफ्तार किया था। मेडिकल रिपोर्ट के बाद पुलिस ने दुष्कर्म और पॉस्को एक्ट की भी कार्रवाई की थी। मामले में अब तक की सुनवाई के बाद विशेेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश डॉ. आरती शुक्ला पाण्डेय ने दोनों को दोषी पाया।

नतीजनत उन्होंने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए गोपाल को 10 वर्ष और जुवारसिंह को 3 वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी। उन्होंने दोनों को 5000 रुपये अर्थदण्ड भी दिया। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी सूरज बछेरिया व डीपीओ राजकुमार नेमा ने पैरवी की।

मारपीट करने पर महिला सहित छह को कारावास

नागदा स्थित ग्राम वाडल्या निवासी मजदूर राधेश्याम का पड़ोसी कन्हैया लाल पिता बबलू, अशोक पिता लालूजी, कमल पिता बालू, महेश पिता लालूजी, रामलाल पिता लक्ष्मण, पदमबाई पिता बालूजी से मकान की दीवार को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपियों ने पहले उसे छेड़छाड़ के केस में फंसाया। छूटने पर घर में घुसकर राधेश्याम और उसकी पत्नी को लात घूंसों से पीट दिया। मारपीट में दंपत्ति को चोट आने पर पुलिस ने सभी पर केस दर्ज किया था। मामले में अब तक की सुनवाई के बाद नागदा के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विन परमार ने फैसला सुनाया। उन्होंने दोष सिद्ध होने पर सभी आरोपियों को 6-6 माह सश्रम कारावास और 4800 रुपए अर्थदंड दिया है। प्रकरण में शासन का पक्ष एडीपीओ विनय अमलियार ने पैरवी की। जानकारी अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी मुकेश कुमार कुन्हारे ने दी।

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