वाराणसी के डॉक्टरों और फ्रंटलाइन वर्करों से बात करते-करते भावुक हुए पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी के डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों से बात कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं काशी का एक सेवक होने के नाते हर एक काशीवासी का हृदय से धन्यवाद देता हूं. विशेष रूप से हमारे डॉक्टर्स, नर्सेज, वार्ड बॉयज और एम्बुलेंस ड्राइवर्स ने जो काम किया है, वो वाकई सराहनीय है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी के डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों से बात की। पीएम मोदी ने कहा कि हमने इस महामारी में कई अपनों को खोया है, मेरी उन सभी को श्रद्धांजलि। इस दौरान वे भावुक हो गए।


पीएम ने कहा कि आप लोगों की तपस्या ने जिस तरह बनारस को संभाला है, उसकी पूरे देश में तारीफ हो रही है। पीएम मोदी ने कहा कि अब हमारा नया मंत्र है ‘जहां बीमार वहीं उपचार’। इस सिद्धांत पर माइक्रो-कंटेनमेंट जोन बनाकर जिस तरह आप शहर और गांवों में घर-घर दवाएं बांट रहे हैं, ये बहुत अच्छी पहल है। इस अभियान को ग्रामीण इलाकों में जितना हो सके उतना व्यापक करना है।पीएम ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में कई मोर्चों पर एक साथ लडना पड़ रहा है। इस बार संक्रमण दर भी पहले से कई गुना जादा है। मरीजों को कई दिनों तक अस्‍पताल में रहना पड़ रहा है। बनारस वैसे भी काशी के लिए ही नहीं पूर्वांचल के स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं का केंद्र है। बिहार के लोग भी काशी पर डिपेंड हैं। ऐसे में यहां के लिए कोरोना चुनौती बनकर आया है। यहां के हेल्‍थ सिस्‍टम पर सात सालों में जो काम हुआ उसने हमारा बहुत साथ दिया। फ‍िर भी यह असाधारण हालात रहे। इस दबाव को संभालना संभव रहा। एक एक के लिए दिन रात काम किया। खुद की तकलीफ से ऊपर उटकर जी जान से काम करते रहे। आपकी तपस्‍या से बनारस ने जिस तरह कम समय में खुद को संभाला है। आज पूरे देश में उसकी चर्चा हो रही है। इस दौर में जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों और सुरक्षा बलों ने भी लगातार काम किया। आक्‍सीजन के लिए प्‍लांट लगाए।

बनारस ने जिस गति से कम समय में आइसीयू बेड बढाया और डीआरडीओ अस्‍पताल को स्‍थापित किया। बनारस कका कोविड कमांड सेंटर बढिया काम कर रहा है। तकनीक का प्रयोग किया। मरीजों के लिए सुलभ बनाया वह अनुकरणीय है। जो योजनाएं बनी जो अभियान चले उसने कोरोना से लड़ने में मदद की। 2014 में आप लोगों ने मुझे सांसद चुनकर भेजा। आपका धन्‍यवाद करने आया तो आशीर्वाद दिया। मैने आप लोगों से मांगा कि काशी को स्‍वच्‍छ करेंगे। आप लोगों ने जो स्‍वच्‍छता के लिए किया उसका लाभ मिला। बैेक खाते हों और आयष के प्रति काम किया। योगा दिवचयय की आलोचना की गई। आज पूरे विश्‍व में कोरोना से लडने में योग का मह‍त्‍व प्रचलित हुआ। योग और आयुष ने लोगों की ताकत बढाई। महादेव की कृपा से पहला दूसरा वेव हो लोगों ने धैर्य का परिचय दिया। मेरी काशी के लोग मरीजों बुजुर्गों की परिवाारके सदस्‍य के तौरपर मदद की। खाने की दवा की चिंता न करनी पड़ी।

काशी ने खुद को समर्पित किया। दुकाने बंद की खुद आकर। अपने आथ्र्ज्ञिक लाभ की चिंता नहीं की बल्कि सेवा में लग गए। मां अन्‍नपूर्णा की नगरी का स्‍वभाव और साधना का मंत्र है। आपके तप और प्रयास से महामारी के हमले को काफी हद तक संभाला है। अभी संतोष का समय नहीं है लंबी लडाई करनी है। गांव पर जोर देना है। नया मंतही है। जहा बीमार वहीं उपचार। इस सिद्धांत पर माइक्रो कंटेनमेंट जोन में काशी ने बेहतर काम किया। जोन बनाकर जिस तरह गांव और शहर में घरघर दवाएं बांट रहे हैं आपने मेडिकल किट गांव तक पहुंचाई है इस अभियान को गांव में व्‍यापक करना है। लैब डाक्‍टर ई मार्केटिंग करना है। टेली मेडिसिनल का लाभ मिले। यूपी में सीनियर और युवा डाक्‍टर टेली मेडिसिन के माध्‍यम से सेवा कर रहे हैं। कोविड के खिलाफ गांवों में आशा वकर्तर और एएनएम बहनों की भूमिका अहम है। इनकी क्षमता और अनुभव का लाभ लिया जाए।

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