द  कांग्रेस पॉलिटिक्स : प्रदेश प्रवक्ता नूरी खान ने ऐलान के दो घंटे बाद कांग्रेस छोडऩे का फैसला टाला

उज्जैन, अग्निपथ। महत्वकांक्षी कांग्रेस नेता नूरी खान ने पद नहीं मिलने से बौखलाकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ को पत्र लिखकर सभी पदों से इस्तीफा देते हुए कांग्रेस छोडऩे का ऐलान किया था। फेसबुक पर इस्तीफे की पोस्ट भी डाल दी थी। उन्होंने अल्प संख्यक का कार्ड खेलते हुए कांग्रेस के नाम एक पत्र लिखा है। इसमें कांग्रेस नेताओं पर अल्पसंख्यक वर्ग की उपेक्षा करने की बात कही है।

दावा किया है कि संगठन में कितने अल्पसंख्यक वर्ग को पद दिया गया है। संगठन को लिखे पत्र को उन्होंने मीडिया में जारी कर दिया है। फेसबुक पोस्ट से डालने के दो घंटे बाद नूरी खान ने फिर से पोस्ट डाली। इसमें हवाला दिया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने उनसे चर्चा की है। उनके साथ अन्याय नहीं होगी। इसलिए कांग्रेस छोडऩे का अपना फैसला कांग्रेस अध्यक्ष से चर्चा करने के बाद लेंगी।

बताया जाता है कि कमलनाथ ने महिला कांग्रेस का प्रदेशाध्यक्ष बनाना तय कर लिया था। नूरी खान का नाम अंतिम समय पर काट दिया गया। उन्होंने कांग्रेस नेता अजय सिंह के खिलाफ टिप्पणी की थी, इससे ठाकुर लाबी उनके खिलाफ हो गई थी।

दो पद देकर कांग्रेस ने नूरी को सम्मान दिया

इस संबंध में शहर कांग्रेस के अध्यक्ष महेश सोनी का कहना है कि उन्होंने इस्तीफा क्यों दिया, यह उन्हें नहीं पता है। परन्तु उन्हें दो पदों पर नियुक्ति देकर कांग्रेस ने सम्मान दिया है। अल्पसंख्यक समुदाय को कांग्रेस में हमेशा सम्मान मिला है और मिलता रहेगा।

कांग्रेस की जुझारु नेता है नूरी खान

इस संबंध में शहर कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रवि राय का कहना है कि नूरी खान कांग्रेस की जुझारू नेता हैं। उनके कांग्रेस छोडऩे से कांग्रेस को नुकसान होगा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को उनसे बातचीत करके नाराजगी दूर करना चाहिए। क्योंकि कांग्रेस में इस समय संघर्ष करने वाले नेता कम बचे हैं। उनकी पदयात्रा में कांग्रेस के स्थानीय कांग्रेस नेताओं को सहयोग किया था।

कांग्रेस सभी वर्ग को साथ लेकर चलती

शहर कांग्रेस के उपाध्यक्ष शाकिर भाई खालावाला का कहना है कि कांग्रेस सभी वर्ग को साथ लेकर चलती है। किसी भी वर्ग की उपेक्षा नहीं करती है। नूरी खान ने जो इस्तीफा दिया है,वह व्यक्तिगत कारण की वजह से दिया होगा। कांग्रेस में अल्पसंख्यक वर्ग का सबसे ज्यादा मान -सम्मान किया जाता है।

एक नेता के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता

इस संबंध में अल्पसंख्यक नेता मकसूद अली का कहना है कि कांग्रेस पार्टी बहुत बड़ा समंदर हैं। कांग्रेस लगातार अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के हित में काम करती रही है। कांग्रेस में अल्पसंख्य वर्ग को सबसे ज्यादा सम्मान मिलता है।

नूरी खान जैसी नेता के जाने से कांग्रेस को कोई फर्क नहीं पड़ता है। नूरी खान अल्पसंख्यक वर्ग के नाम पर राजनीति कर रही हैं, जबकि उन्होंने इस्तीफा किसी और कारण से दिया है।

कांग्रेस में सभी धर्म, समाज का सम्मान

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष तबरेज खान का कहना है कि कांग्रेस में सभी धर्म, समाज के लोगों का सम्मान किया जाता है। कांग्रेस एक जन अभियान पार्टी है। नूरी खान ने अल्पसंख्यक समाज की उपेक्षा का जो आरोप लगाया है वह उनकी व्यक्तिगत राय हो सकती है। उनकी राय को पूरी समाज की राय नहीं कहा जा सकता है।

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