निर्दलियों ने अपने-अपने दल चुने, कपिल गए भाजपा, राजू बेन कांग्रेस के साथ

धार जिला पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में फिर पेंच

धार, अग्निपथ। जिला पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में फिर पेंच फंस गया है। जिला पंचायत में 13-13 समर्थक सदस्यों के साथ भाजपा-कांगे्रस बराबरी पर रहीं। दोनों पार्टियां दो निर्दलियों के समर्थन हासिल करके बहुमत का आंकड़ा जुटाने की कोशिशों में थी। लेकिन अब निर्दलियों ने अलग-अलग पार्टी का दामन थाम लिया है। जिससे मामला फिर टाई रहने से और रोचक हो गया है।

धरमपुरी के वार्ड क्रमांक 28 से निर्दलीय निर्वाचित हुई कांग्रेस नेत्री राजू बेन चौहान ने कांग्रेस का हाथ थामे रखा है। वहीं सिंघाना के वार्ड 23 से निर्दलीय निर्वाचित कपिल सोलंकी ने भाजपा को समर्थन दे दिया है। भाजपा के 13 सदस्यों के साथ कपिल का फोटो भाजपा के नेताओं ने सार्वजनिक किया है।

इसी के साथ अब दोनों दलों के पास 14-14 का आंकड़ा हो गया है। इस तरह की स्थिति में कश्मकश बढ़ गई है। किसी भी दल के 1-2 सदस्यों ने क्रास वोटिंग की तो स्थितियां एक पक्षीय हो जाएगी। फिलहाल दोनों दल के सदस्य सार्वजनिक क्षेत्रों से नदारद है।

भाजपा में चेहरा तय नहीं

भाजपा के अंदरखाने में सब कुछ तय हो गया है, लेकिन भाजपा ने अभी तक जिपं अध्यक्ष को लेकर अपने उम्मीदवार का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। दरअसल भाजपा की नजरें कांग्रेस द्वारा घोषित उम्मीदवारों पर टिकी हुई है। इधर कांगे्रस से मनोजसिंह गौतम को आगामी चुनावों एवं अनुभव और संगठन विस्तार के मद्देनजर मजबूत चेहरा माना जा रहा है। वहीं भाजपा से श्रीमती संगीता पटेल और श्रीमती टीना पिपलीपाड़ा को महिला उम्मीदवार और सरदार मेड़ा व चंचल पाटीदार को पुरुष उम्मीदवार के तौर पर चेहरा माना जा रहा है।

कांग्रेस यदि पुरुष प्रत्याशी को अवसर देगी तो भाजपा महिला उम्मीदवार खड़ा कर सकती है। वहीं कांग्रेस यदि महिला उम्मीदवार को मौका देती है तो भाजपा पुरुष उम्मीदवार को मैदान में उतारेगी। इस तरह की कई रणनीतियां बनाई गई है। इस बात से भी इंकार नहीं कि कई सदस्यों के प्रॉक्सी वोट भी डलवाए जा सकते है। वहीं क्रास वोटिंग जैसा खतरा समान सदस्य संख्या होने की स्थिति में दोनों दलों को रहेगा।

तैयारियों में जुटा निर्वाचन विभाग

29 जुलाई को जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का निर्वाचन होना है। इसके पूर्व 24-25-26 जुलाई को 763 पंचायतों में उपसरपंच का निर्वाचन होना है। वहीं 27-28 जुलाई को जनपदों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष का भी निर्वाचन होगा। इसको लेकर निर्वाचन विभाग एक बार फिर तैयारियों में जुट गया है। जिपं चुनाव के दौरान स्वयं कलेक्टर जिला निर्वाचन अधिकारी के तौर पर पीठासीन अधिकारी रहेंगे।

शहर में लगातार बिजली कटौती की स्थिति को देखते हुए विद्युत मंडल को जिपं निर्वाचन के दौरान बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के लिए पत्र भी लिखा गया है। इसी के साथ एक यंत्री की निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

दोनों दलों ने किए दावे

जिपं के 28 वार्डों में समान सदस्यों की संख्या होने के बाद अब दोनों दल के नेता अपने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और परिषद् बनाने के दांवे कर रहे हैं। मंत्री राजवर्द्धनसिंह दत्तीगांव ने भाजपा की परिषद् बनने की बात कही है। वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालमुकुंदसिंह गौतम ने कहा कि कांग्रेस की परिषद् बनेगी। इस परिस्थिति में भाजपा का दावा ज्यादा मजबूत दिख रहा है। दरअसल भाजपा के पास अध्यक्ष और उपाध्यक्ष निर्वाचित करने के लिए सत्ता-संगठन का साथ और एकजुटता है।

वहीं कांग्रेस में गुटबाजी खुले तौर पर दिख रही है। पूर्व मंत्री गंधवानी विधायक उमंग सिंघार के समर्थक सदस्य उनके साथ है। वहीं शेष सदस्य जिला कांग्रेस कमेटी के साथ दिखाई दे रहे है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व वर्तमान जिपं सदस्य मनोजसिंह गौतम सदस्यों को लेकर खाटू श्याम की यात्रा कर रहे हैं।

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