ऑटो वालों के लिए वर्दी, नेम प्लेट और रेट डिस्प्ले होगा अनिवार्य
उज्जैन, अग्निपथ। सावन और भादव महीने में महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने आए श्रद्धालुओं से अधिक किराया वसूली के कई सारे मामले सामने आने के बाद प्रशासन ने अब ऑटो रिक्शा सेवा में कसावट लाने की तैयारी की है। रेलवे स्टेशन का प्री-पेड बूथ दोबारा से चालू किया जा रहा है, संभावना है कि महाकालेश्वर मदिर के कर्मचारी ही इस बूथ का संचालन करेंगे। इसके अलावा ऑटो चालकों के लिए रेट लिस्ट डिस्प्ले, वर्दी पहनना और नेम प्लेट लगाना अनिवार्य किया जा रहा है।
सावन और भादव महीनों में लाखों की संख्या में श्रद्धालु महाकालेश्वर मंदिर दर्शन करने देश के कई हिस्सों से उज्जैन आए थे। इस दौरान प्रशासन के सामने ऐसे भी उदाहरण सामने आए, जिनमें ऑटो चालकों ने रेलवे स्टेशन से लेकर महाकालेश्वर मंदिर की लगभग 2 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए श्रद्धालुओं से डेढ़ सौ रूपए से 300 रूपए तक किराया वसूला गया। इस तरह की कई शिकायतें भी प्रशासन तक पहुंची। श्रद्धालुओं के साथ ठगी की वजह से श्रद्धालुओं की जेब पर तो भार बढ़ा ही, साथ ही उज्जैन की छवि भी खराब हुई।
एक मामले में कार्यवाही कर प्रशासन ने अपने इरादे तभी साफ कर दिए थे। आने वाले दिनों में उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ठगी न हो इसके लिए भी प्रशासन ने कसावट लाना शुरू कर दिया है। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि संभवत: शनिवार को शहर के सभी ऑटो चालक एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। इस बैठक में ऑटो चालकों को श्रद्धालुओं से बेहतर व्यवहार करने और तय दाम ही वसूलने के लिए कहा जाएगा।
इसके साथ ही उन्हें चेता भी दिया जाएगा कि यदि किसी ऑटो चालक ने तय रेट से ज्यादा रूपए वसूले तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन होगा। कलेक्टर ने बताया कि सभी ऑटो रिक्शा चालकों को वर्दी पहनना अनिवार्य किया जा रहा है। इसके अलावा उन्हें वर्दी पर नेम प्लेट भी लगाना होगी और अपनी ऑटो रिक्शा में तय रूट की रेट लिस्ट भी चस्पा करना होगी। रेलवे स्टेशन का प्री-पेड बूथ भी दोबारा एक्टिव किया जा रहा है।
होटल वाले भी प्रशासन के निशाने पर
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि सावन-भादव महीनों में ऑटो रिक्शा के अलावा महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र की होटलों में भी श्रद्धालुओं के साथ खराब व्यवहार किए जाने और ज्यादा रूपए वसूलने के मामले सामने आए है। कहीं श्रद्धालुओं की अंतिम समय में बुकिंग केंसल कर किसी ओर को रूम दे दिया गया, कहीं बुकिंग रकम रिफंड ही नहीं की गई तो कहीं तय रेट से ज्यादा रकम वसूली गई।
कलेक्टर ने बताया कि महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में वैध के अलावा लगभग 300 से ज्यादा आवासीय परिसरों में अवैध रूप से होटलों का संचालन हो रहा है। सभी होटल संचालकों के साथ भी प्रशासनिक अधिकारी बैठक कर उन्हें शासन के नियमों से अवगत कराएंगे, इसके अलावा होटलों पर उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के साथ अच्छा व्यवहार करने की हिदायत दी जाएगी।