गलत पते पर दबिश से भड़का मुस्लिम समाज, बड़नगर थाने का घेराव कर सड़क पर लगाया जाम

बड़नगर। मोहर्रम जुलूस के दौरान वैन में हुए ब्लास्ट मामले की जांच कर रही पुलिस शनिवार को एक बड़ी लापरवाही के कारण विवादों में घिर गई। रिमांड पर लिए गए एक आरोपी की निशानदेही पर बाकी नामजद आरोपियों को दबोचने निकली पुलिस टीम गलतफहमी के चलते दूसरे के घर में दाखिल हो गई। पुलिसिया अंदाज में अचानक घर में घुसे जवानों को देखकर वहां मौजूद महिलाएं और परिजन बुरी तरह भड़क गए।

देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि पीड़ित परिवार के समर्थन में मुस्लिम समाज के सैकड़ों लोग लामबंद हो गए। महिलाओं सहित बड़ी संख्या में आक्रोशित लोगों ने बड़नगर थाने पहुंचकर घेराव कर दिया। इस हंगामे के कारण थाने के सामने सड़क के दोनों ओर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

एएसपी के सामने रखी बात, सुपुर्द किए वीडियो

थाने पर मचे इस बवाल और तल्खी की खबर मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) करणदीप सिंह तुरंत बड़नगर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने शहर काजी और आहत परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बंद कमरे में बैठक की। समाज जनों ने एएसपी के सामने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

पीड़ित पक्ष ने पुलिसिया कार्रवाई के दौरान हुए हंगामे के कुछ वीडियो साक्ष्य के तौर पर एएसपी करणदीप सिंह को सौंपे। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि बिना पुख्ता तस्दीक के इस तरह किसी के भी घर में घुसना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद ही भीड़ तीतर-भीतर हुई और रास्ता खुल सका।

आरोपी के इशारे पर हुई कार्रवाई, बदसलूकी से इनकार

पूरे घटनाक्रम को लेकर बड़नगर थाना प्रभारी सिंगार ने पुलिस का पक्ष रखते हुए बताया कि पूरी कार्रवाई नियम के तहत की जा रही थी। ब्लास्ट मामले का मुख्य आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड पर है और उसी के बताए पते व इशारे पर टीम अन्य आरोपियों की तलाश में गई थी। सुरक्षा और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए टीम के साथ महिला इंस्पेक्टर भी मौजूद थीं।

थाना प्रभारी के मुताबिक जैसे ही घर की महिलाओं ने इस तलाशी का विरोध शुरू किया, पुलिस टीम उन्हें समझाकर तुरंत बाहर आ गई। उन्होंने महिलाओं के साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार या बदसलूकी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी द्वारा जानबूझकर गलत जानकारी देकर भ्रमित करने की आशंका की भी जांच की जा रही है।

चक्काजाम करने वालों पर कानूनी एक्शन की तैयारी

इधर, पत्रकारों से चर्चा के दौरान एएसपी करणदीप सिंह ने साफ किया कि पुलिस अपनी ड्यूटी कर रही थी और किसी भी बेगुनाह को परेशान करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान का पूरा ध्यान रखा गया है और बदसलूकी की बातें पूरी तरह निराधार हैं।

थाने के घेराव और मुख्य मार्ग को घंटों बाधित करने के मामले में एएसपी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में एकत्रित होकर कानून व्यवस्था को हाथ में लेने और चक्काजाम करने वालों के खिलाफ वीडियो फुटेज के आधार पर कार्रवाई करने के लिए कानूनी स्टडी की जा रही है।

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