मध्य प्रदेश में एक हजार से अधिक चयनित अभ्यर्थियों के अंक हैरान करने वाले
भोपाल, अग्निपथ। डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक के अंशकालिक पदों की भर्ती प्रक्रिया में सौ प्रतिशत अंक हासिल करने का एक बड़ा और चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है। इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता दसवीं पास निर्धारित है और चयन का एकमात्र आधार दसवीं कक्षा के अंक होते हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस वर्ष देश भर में कुल चयनित अभ्यर्थियों में से 8264 यानी छत्तीस प्रतिशत से अधिक उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्होंने दसवीं की परीक्षा में सौ प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और जम्मू कश्मीर में चयनित सभी उम्मीदवारों के अंक सौ प्रतिशत पाए गए हैं।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्थिति
मध्य प्रदेश में कुल 1450 लोग चयनित हुए हैं जिनमें से 1155 अभ्यर्थियों को दसवीं की परीक्षा में सौ प्रतिशत अंक मिले हैं। हैरानी की बात यह है कि राज्य में पिछले सात वर्षों में केवल 16 लोग ही बोर्ड परीक्षा में सौ प्रतिशत अंक ला पाए थे। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में चयनित कुल 1687 अभ्यर्थियों में से 1616 लोग पूर्णांक पाने वाले हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि शिक्षा बोर्ड के कर्मचारियों, दलालों और डाक विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसी फर्जी अंकसूचियों का उपयोग बढ़ा है।
कार्रवाई और जांच प्रक्रिया
गड़बड़ी सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पिछले महीने जबलपुर डाक सर्किल ने बिहार बोर्ड से जारी सौ प्रतिशत अंक वाले आठ लोगों को सेवा से बर्खास्त किया है। इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने भी प्रकरण दर्ज किया है और आरोपियों की धरपकड़ जारी है। मध्य प्रदेश के डायरेक्टर ऑफ पोस्टल सर्विस आरएस रघुवंशी ने बताया कि चयन प्रक्रिया ऑनलाइन होती है और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

