शनेश्वर ओंकारेश्वर मंदिर से मोरटा केवड़ी तक उमड़ा आस्था का जनसैलाब
पोलायकलां, अग्निपथ। श्रावण मास के पावन अवसर पर पोलायकलां में सार्वजनिक महाकाल मित्र मंडल द्वारा रविवार को भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। भगवान शिव की अगाध भक्ति से सराबोर इस यात्रा में करीब 1000 महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने कांवड़ उठाकर सहभागिता की।
कांवड़ यात्रा का शुभारंभ पोलायकलां स्थित शनेश्वर ओंकारेश्वर मंदिर में विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना के साथ हुआ। तत्पश्चात कांवड़िये पवित्र जल लेकर लगभग 5 किलोमीटर की पैदल यात्रा पर रवाना हुए। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग ‘बोल बम-हर हर महादेव’ और ‘जय भोलेनाथ’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। डीजे की धार्मिक धुनों पर युवा और बुजुर्ग भक्ति रस में झूमते नजर आए।
मार्ग में जगह-जगह सामाजिक संगठनों एवं नगरवासियों द्वारा पुष्पवर्षा कर कांवड़ियों का आत्मीय स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्थानों पर स्वल्पाहार एवं पेयजल की सुचारू व्यवस्था की गई थी। मोरटा केवड़ी स्थित पांडवकालीन प्रसिद्ध हिमालेश्वर धाम पहुंचने पर कांवड़ में लाए गए पवित्र जल से भगवान हिमालेश्वर का भव्य रुद्राभिषेक एवं जलाभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष की आराधना कर क्षेत्र की सुख, समृद्धि एवं शांति की प्रार्थना की।
उल्लेखनीय है कि शाजापुर जिले का पांडवकालीन हिमालेश्वर धाम श्रावण मास में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है। इस भव्य आयोजन ने पूरे क्षेत्र को शिवमयी और धर्ममय बना दिया।
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