धार, अग्निपथ। वर्षों से बेहतर लोक परिवहन सुविधा का बेसब्री से इंतजार कर रहे धार जिले के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के लिए मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा एक नई उम्मीद लेकर आ रही है। मध्य प्रदेश में इस महत्वाकांक्षी सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर से इंदौर संभाग में प्रस्तावित है। योजना के पहले चरण में प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मांडू को इंदौर से जोड़ने वाले ग्रीन रूट पर अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस चलाने की व्यापक तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही धार जिले के उन सुदूर और दुर्गम इलाकों तक नियमित यात्री बस सेवा पहुंचाने की कवायद शुरू हो गई है, जहां आज भी ग्रामीणों को इलाज, शिक्षा, रोजगार और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जान जोखिम में डालकर लंबा सफर तय करना पड़ता है।
37 रूट चिन्हित, सर्वे के बाद संचालन की बारी
इंदौर संभाग में लोक परिवहन सुविधा के व्यापक विस्तार के लिए एक निजी कंपनी के माध्यम से विस्तृत सर्वे कराया गया था। इस सर्वे के आधार पर धार जिले के कुल 37 प्रमुख रूटों को चिन्हित किया गया है। सर्वे में इन क्षेत्रों में यात्री परिवहन की भारी आवश्यकता सामने आई है। हालांकि, चिन्हित मार्गों पर तत्काल बस संचालन शुरू होने को लेकर अंतिम निर्णय होना बाकी है। प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से रूट, यात्रियों की संख्या और संचालन की व्यावहारिक सुलभता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से बस सेवा शुरू किए जाने की प्रबल संभावना है। यदि इन चिन्हित रूटों पर बसों का नियमित संचालन प्रारंभ होता है, तो धार जिले की एक बड़ी आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
डेंजरस सफर से मिलेगी मुक्ति, असुरक्षित वाहनों पर निर्भरता होगी खत्म
धार जिले का एक बड़ा भूभाग पहाड़ी और आदिवासी अंचलों में फैला हुआ है। कई गांव मुख्य सड़क मार्गों से कटे होने के कारण आज तक नियमित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से नहीं जुड़ सके हैं। ऐसे इलाकों में ग्रामीणों को विवश होकर पिकअप, जीप और अन्य खतरनाक छोटे वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है। अक्सर इन वाहनों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर असुरक्षित रूप से संचालित किया जाता है, जिससे हर समय गंभीर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना हो या विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाना हो, परिवहन की कमी का सीधा प्रभाव जनजीवन पर पड़ता है। नियमित बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा और असुरक्षित यात्रा से निजात मिलेगी।
जनजातीय गौरव दिवस पर मुख्यमंत्री ने किया था वादा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 14 नवंबर 2024 को धार में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सुदूर आदिवासी क्षेत्रों से सुलभ लोक परिवहन सेवा शुरू करने का ऐतिहासिक ऐलान किया था। अब मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा के माध्यम से उसी घोषणा को धरातल पर उतारने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए जा रहे हैं। धार जैसे विशाल भौगोलिक विस्तार वाले जिले में इस जनहितैषी योजना को लेकर ग्रामीण और जनजातीय अंचल में खासा उत्साह और उम्मीदें देखी जा रही हैं।
पर्यटन को मिलेंगे नए पंख, पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा के प्रथम चरण में इंदौर से मांडू के बीच इलेक्ट्रिक बस चलाए जाने की पूरी संभावना है। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मांडू में इलेक्ट्रिक बस शुरू होने से न केवल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय यात्रियों का सफर भी बेहद आरामदायक हो जाएगा। इंदौर-मांडू मार्ग पर नियमित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने से क्षेत्र की पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय व्यापार को भारी बढ़ावा मिलेगा। वहीं, ग्रीन रूट के रूप में प्रदूषण मुक्त इलेक्ट्रिक बस का संचालन पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक अनुकरणीय पहल साबित होगा।
अंतिम रूट चयन की प्रक्रिया जारी
परिवहन विभाग के अनुसार धार जिले से मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा के संचालन के संबंध में समस्त आवश्यक जानकारियां शासन को भेजी जा चुकी हैं। यद्यपि सर्वे में 37 रूटों का चयन हुआ है, लेकिन अंतिम रूप से किन-किन मार्गों पर पहले बसें चलेंगी, इसका अंतिम निर्णय वरिष्ठ स्तर पर लंबित है। धार आरटीओ हृदेश यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा के संचालन की पूरी तैयारी कर ली गई है। 37 चिन्हित रूटों में से प्राथमिकता वाले मार्गों का चयन कर बस संचालन प्रारंभ किया जाएगा। प्रथम चरण में इंदौर-मांडू के बीच ईवी बस चलने की सर्वाधिक संभावना है।
00000
