- नलखेड़ा, अग्निपथ। विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में बुधवार को उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह के परिवार के सदस्य दर्शन-पूजन के बाद सरकारी वाहन से लौट रहे थे। मंदिर में पूजन-पाठ करने वाले कुछ पंडितों ने पंजीयन के लिए आवेदन देने की मांग को लेकर वाहन को रोक लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को हटाकर वाहन को रवाना कराया।
पंजीयन की मांग को लेकर घेरा वाहन
प्राप्त जानकारी के अनुसार उज्जैन संभाग आयुक्त आशीष सिंह की धर्मपत्नी सहित परिवार के सदस्य मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे थे। दर्शन के बाद जब परिवार वापस लौट रहा था, तभी मंदिर परिसर में कुछ पंडितों ने वाहन को रोक लिया। पंडित संभाग आयुक्त को पंजीयन से संबंधित आवेदन देना चाहते थे, हालांकि वाहन में संभाग आयुक्त स्वयं मौजूद नहीं थे। इसी दौरान भीड़ में से एक व्यक्ति द्वारा वाहन के सामने लेट जाने की बात भी सामने आई, जिसे पुलिस ने मौके से हटाया।
थाना प्रभारी की सजगता से टला बड़ा विवाद
जिस समय वाहन को रोका गया, उसी दौरान थाना प्रभारी शशि उपाध्याय ईद मिलादुन्नबी के चल समारोह की व्यवस्था से लौटते हुए मंदिर की ओर आ रही थीं। स्थिति की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर भीड़ को अलग किया और वाहन को सुरक्षित रवाना कराया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति बिगड़ने से बच गई।
मंदिर की व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल
विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में लगातार सामने आ रही घटनाओं के चलते व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर प्रबंधन समिति को प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। कुछ दिन पूर्व भी पार्किंग व्यवस्था से जुड़ी एक घटना को लेकर विवाद सामने आया था, जिसमें मंदिर कर्मचारी के साथ विवाद के बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया था।
पंडितों के सत्यापन और दलालों पर अंकुश की मांग
मंदिर में बढ़ती पंडितों की संख्या के बीच उनके सत्यापन और रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि पूजन-पाठ करने वाले पंडितों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखा जाए और पुलिस सत्यापन सुनिश्चित हो। इसके साथ ही परिसर में वीआईपी दर्शन और हवन-पूजन के नाम पर सक्रिय दलालों पर अंकुश लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।

