ऐन वक्त पर मेले से ‘गायब’ हुआ मुशायरा

आयोजन से 24 घंटे पहले जारी हुआ कार्यक्रम स्थगित करने का आदेश

उज्जैन। नगर निगम द्वारा आयोजित कार्तिक मेले में मंच पर हर रोज होने वाले आयोजनों की सूची से अखिल भारतीय मुशायरे के आयोजन को एकाएक हटा दिया गया है। 19 दिसंबर की शाम मेले में मुशायरा होना था लेकिन इससे 24 घंटे पहले आयुक्त अंशुल गुप्ता ने मौखिक आदेश जारी कर इसे स्थगित कर दिया। एकाएक हुए इस फैसले की वजह भी साफ नहीं है।

खेल आयोजनों के साथ ही अखिल भारतीय स्तर का कवि सम्मेलन और अखिल भारतीय स्तर का मुशायरा दोनों आयोजन कार्तिक मेले की शान रहते है। हर साल ही कार्तिक मेले में इनका आयोजन होता है। इस बार भी दोनों ही कार्यक्रम मेले में जोड़े गए। कवि सम्मेलन हो चुका, रविवार को अखिल भारतीय मुशायरे के आयोजन की बारी थी।

आयोजन के लिए भोपाल, रामपुर, खंडवा, बुरहानपुर, दिल्ली सहित आसपास के शहरों से 15 शायरों को आमंत्रित किया गया था। शनिवार दोपहर एकाएक आयुक्त अंशुल गुप्ता ने इसे स्थगित कर दिया। जिन शायरों को आमंत्रित किया गया था, उन्हें फोन पर आयोजन स्थगित होने की सूचना दी गई।

कुछ ही वक्त मुशायरा स्थगित कर दिए जाने की सूचना नगर निगम से बाहर भी निकल आई। कांग्रेस नेता सैयद मकसूद अली की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल इस निर्णय पर विरोध जताने नगर निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता के पास भी पहुंच गए। आयुक्त के साथ इनकी अच्छी-खासी बहस भी हुई। आयुक्त ने इन्हें बताया कि मुशायरा निरस्त नहीं किया गया है बल्कि इसे स्थगित किया गया है। अगले दो या तीन दिन में इसका आयोजन होगा।

इनका कहना

हमें बताया गया है कि नगर निगम के पीआरओ रईस एहमद निजामी का स्वास्थ्य खराब होने की वजह से मुशायरा स्थगित किया गया। नगर निगम आयुक्त का यह तुगलकी आदेश है। मुशायरा प्रेमियों के साथ यह धोखा है। – सैयद मकसूद अली, कांग्रेस नेता

मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि किस वजह से मुशायरा स्थगित किया गया। आयुक्त महोदय का निर्णय है, इसलिए मैं इस बारे में कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हूं। – रईस एहमद निजामी, जनसंपर्क अधिकारी नगर निगम

कार्तिक मेले में सील हुआ मौत का कुआं

कार्तिक मेले में चलने वाले मौत के कुएं को शनिवार को नगर निगम अन्यकर विभाग के कर्मचारियों द्वारा सील कर दिया गया है। मौत के कुएं का संचालन करने के लिए जरूरी एसडीएम की अनुमति नहीं होने की वजह से यह कार्यवाही की गई है।

शुक्रवार की शाम शहर में सोशल मीडिया पर मौत के कुएं का एक वीडियों वायरल हुआ था। इसमें एक युवती मोटरसाइकिल दौड़ाते हुए नीचे गिरकर घायल हो गई। सोशल मीडिया पर प्रचारित किया गया कि यह दुर्घटना कार्तिक मेले के मौत के कुएं में हुई है। हालांकि पुलिस व नगर निगम के किसी भी अधिकारी और खुद मौत के कुएं के संचालक ने भी इसकी पुष्टी नहीं की।

वीडियों में दिखाई दे रहा घटनाक्रम उज्जैन का नहीं था, लेकिन बतौर सतर्कता शनिवार की दोपहर निगम अधिकारी जांच के लिए कार्तिक मेले में पहुंचे। यहां पता चला कि मौत का कुआं संचालन के लिए जरूरी एसडीएम की अनुमति संचालक के पास नहीं है। अनुमति नहीं होने की वजह से आयुक्त के निर्देश पर मौत के कुएं का संचालन बंद कर इसे सील कर दिया गया। उज्जैन में 4 साल पहले मौत के कुएं में हुए हादसे के बाद से ही इसके संचालन के लिए एसडीएम की अनुमति अनिवार्य की गई थी।

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