जाली चेक से 49 लाख रुपए निकालने वाले चार अभियुक्तों को 5-5 वर्ष की कैद

महिदपुर, अग्निपथ। जाली चेक की मदद से बैंक से 49 लाख रुपए निकालने के मामले में पांच आरोपियों को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। इन सभी को 5-5 साल कैद की सजा सुनाई गई है। मामले में तीन आरोपी महिदपुर व एक लखनऊ (उप्र) का है।

आरोपियो के द्वारा कूटरचित तरीके से जालसाजी करते हुए भारतीय स्टेट बैंक महिदपुर शाखा से 7 जुलाई 2018 को 49 लाख की राशि को चेक के माध्यम से निकालने का प्रयास किया गया था तथा बैंक की सजगता से मामला प्रकाश में आया। आरोपियो चंदनकुमार, राजेशकुमार, महेश कुमार, अरुण राघव पर महिदपुर थाने में प्रकरण पंजीबद्ध हुए थे। जिनमें तीन आरोपी महिदपुर के थे तथा एक लखनऊ उ.प्र. का बताया गया है।

11 जुलाई 2018 को इस मामले को लेकर भारतीय स्टेट बैंक के तात्कालीक शाखा प्रबंधक अनिल कुमार शुक्ला द्वारा पुलिस थाना महिदपुर को जाली चेक के संबंध में प्रथम सूचना दर्ज करने हेतु इस आशय का पत्र दिया गया था। महिदपुर पुलिस के द्वारा प्रथम सूचना पर अनुसंधान के बाद उक्त चारों आरोपियों पर भादवि की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर महिदपुर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।

इस 4 साल 6 माह के लगभग पुराने मामले में विगत 15 दिसम्बर को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश साबिर अहमद खान के द्वारा सभी चारों अभियुक्तगण चंदनकुमार बोथरा, राजेश कुमार उपाध्याय, महेश कुमार माली, एवं अरुण राघव द्वारा कारित दोषसिद्ध अपराध की प्रकृति परिस्थितियों पर विचार करते हुए उन्हें दोषपूर्ण अपराध में पृथक पृथक 5-5 वर्ष के कठोर कारावास से तथा 10-10 हजार के अर्थदंड से दंडित किया गया।

इस मामले में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक नरेन्द्र सोलंकी के द्वारा की गई थी। उक्त जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक नरेन्द्र सोलंकी ने बताया कि चारों अभियुक्तगण को जेल भेज दिया गया है।

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