नाम घोषित होते ही मंदिर पहुंचे टटवाल

सुसनेर नगर परिषद उप चुनाव

भाजपा कार्यालय लोकशक्ति पर कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत

उज्जैन, अग्निपथ। उज्जैन नगर निगम के चुनाव में महापौर पद के लिए भाजपा की ओर से अधिकृत प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी गई है। मुकेश टटवाल भाजपा की ओर से महापौर प्रत्याशी होंगे। मंगलवार दोपहर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने 13 नगर निगमों के लिए प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है। उज्जैन से मुकेश टटवाल के नाम पर मुहर लगाई गई है। टटवाल का नाम घोषित होने के बाद भाजपा कार्यालय लोकशक्ति पर उनका जमकर स्वागत हुआ। खुद टटवाल भी नाम घोषित होते ही अलखधाम स्थित हनुमान मंदिर और इसके बाद महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंचे।

महापौर पद के लिए भाजपा में पूर्व सांसद प्रो. चिंतामणि मालवीय, पूर्व नगर महामंत्री सुरेश गिरी, विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष डा. प्रभुलाल जाटवा के नाम चर्चाओं में थे। तीन दिन पहले भोपाल में हुई भाजपा की चुनाव समिति की बैठक में उज्जैन से दूसरे किसी नाम पर चर्चा नहीं हुई और सीधे ही मुकेश टटवाल का नाम तय कर दिया गया था। भोपाल और इंदौर की सीट पर मंथन लंबा होने की वजह से अन्य जगहों के प्रत्याशियों के नाम घोषित नहीं हो सके थे। भाजपा ने इंदौर, रतलाम और भोपाल में प्रत्याशियों के नाम रोक लिए है। मुकेश टटवाल का नाम फाइनल होने की स्थिति में आया तो स्थानीय स्तर के कुछ नेताओं ने अपनी आपत्तियां भी लगा दी थी। मंगलवार दोपहर जैसे ही मुकेश टटवाल के नाम की भोपाल से घोषणा हुई वे सीधे भाजपा कार्यालय लोकशक्ति पहुंचे। यहां स्थानीय पदाधिकारियों से मुलाकात की और इसके बाद महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने पहुंच गए।

परिचय: बजरंग दल से तय किया भाजपा का सफर

मुकेश टटवाल 48 साल के है। वे पिछले लगभग 25 साल से भाजपा में सक्रिय है। 1991 से मुकेश टटवाल ने बजरंग दल के साथ जुडक़र सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। वे लगातार 10 सालों तक बजरंग दल में अलग-अलग पदों पर रहे है। साल 2000 में मंडल मंत्री से भाजपा में इंट्री की। फिलहाल भाजपा प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष है। मुकेश टटवाल 1993 से मध्यप्रदेश बैरवा सांस्कृतिक परिषद संस्था चलाते हैं। यह संस्था गरीब तबके के बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए काम करती है। सबसे अहम बात यह है कि मुकेश टटवाल की संगठन और समाज में छबि बिल्कुल साफ है, यहीं उनका नाम फाइनल करने की सबसे अहम वजह भी रही है। 2006 से 2013 के बीच मुकेश टटवाल ने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा में तीन बार नगर अध्यक्ष का पदभार संभाला है।

चर्चा: पार्टी की विचाराधारा को आगे बढ़ाउंगा

महापौर प्रत्याशी के रूप में नाम घोषित होने के बाद मुकेश टटवाल ने लोकशक्ति कार्यालय पर मीडियाकर्मियों से भी बात की। उन्होंने कहा कि मैं भाजपा का साधारण कार्यकर्ता हूं, पार्टी की विचारधारा को आगे बढाना मेरा दायित्व है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा विकास की राजनीति करती है, समाज के सभी वर्गो को साथ लेकर चलती है। टटवाल ने कहा कि नगर निगम में फिर से भाजपा का बोर्ड बनेगा और उज्जैन के विकास की गति को तेजी दी जाएगी।

बैलेंस के लिए बलाई समाज ने मांगे 11 टिकट

कांग्रेस की ओर से बलाई समाज के प्रतिनिधि महेश परमार महापौर प्रत्याशी है, भाजपा ने बैरवा समाज के प्रतिनिधि मुकेश टटवाल को उम्मीदवार चुना है। बलाई समाज का एक प्रतिनिधि मंडल एक दिन पहले उच्चशिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, विधायक पारस जैन और भाजपा नगर अध्यक्ष विवेक जोशी से मिला था। इस प्रतिनिधि मंडल ने भाजपा नेताओं को बताया कि बैरवा समाज से महापौर प्रत्याशी चुनने पर हमारी कोई आपत्ति नहीं है लेकिन पार्षद प्रत्याशियों के चयन में बलाई समाज को दरकिनार नहीं किया जाना चाहिए। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि उज्जैन शहर के 11 वार्डो में बलाई समाज की बाहुल्यता है लिहाजा भाजपा कम से कम 11 वार्डो में बलाई समाज के प्रतिनिधियों को उम्मीदवार बनाए।

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