मंगूभाई होंगे MP के 23वें राज्यपाल:6 बार गुजरात के नवसारी से विधायक रहे हैं पटेल, एक साल से UP की गवर्नर आनंदी बेन के पास है प्रभार

भोपाल। गुजरात के मंगूभाई छगनभाई को मध्य प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है। शिवराज कैबिनेट के बैठक के दौरान यह खबर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास दिल्ली से पहुंची। इसके बाद शिवराज ने मंत्रियों को यह जानकारी दी। इसके साथ ही केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को 8 राज्यों में नए गवर्नर नियुक्त किए हैं। इनमें मोदी कैबिनेट में शामिल सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत का नाम भी शामिल है। उन्हें कर्नाटक का गवर्नर बनाया गया है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में मंगूभाई पटेल को राज्यपाल बनाया गया है। राष्ट्रपति द्वारा मध्य प्रदेश के राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर मंगूभाई छगनभाई पटेल ने कहा कि मैं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह का आभारी हूं। नरेंद्र मोदी के हम पहले से साथी थे, उन्होंने हमें जो रास्ता दिखाया उस पर हम चलते रहे और समाज सेवा करते रहे और आगे भी चलते रहेंगे।

जानकारी के मुताबिक, मंगू भाई पटेल गुजरात के नवसारी से 6 बार विधायक रहे हैं। इसके साथ ही मोदी कैबिनेट में वन एवं पर्यावरण मंत्री रहे हैं। मंगू भाई को दक्षिण गुजरात का प्रमुख आदिवासी नेता माना जाता है। मध्य प्रदेश का प्रभार लालजी टंडन के निधन के बाद से पिछले एक साल से यूपी की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के पास है। लालजी टंडन का जुलाई 2020 में निधन हो गया था।

सवा साल पहले किया था पीएम मोदी ने फोन

सवा साल पहले जब देश में कोरोना महामारी की शुरुआत हुई, तब मैं नवसारी स्थित अपने आवास पर था। महामारी के आगमन के कुछ महीनों बाद ही मेरे पास एक फोन आया, जिसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आपसे बात करना चाहते हैं। यह सुनकर मैं चौंक उठा और फिर सुबह 10 बजे मोदी ने मुझसे व्यक्तिगत बातचीत की। इस बातचीत के दौरान उन्होंने मेरे और बेटी के स्वास्थ्य के बारे में भी पूछा था।

– मंगूभाई पटेल

नवसारी जिले से दूसरे राज्यपाल
मंगूभाई नवसारी जिले से दूसरे राज्यपाल बने हैं। इससे पहले नवसारी जिले के ही कुमुदबेन जोशी को कांग्रेस सरकार में आंध्रप्रदेश का राज्यपाल बनाया गया था। 1 जून 1944 को जन्मे मंगूभाई पटेल 8वीं पास की है। नवसारी नगर पालिका के सदस्य के रूप में अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने वाले मंगूभाई पटेल लगातार 6 बार विधायक रहे। वे 1990 से 1995, 1995 से 1997, 1998 से 2002, 2002 से 2007, 2002 से 2012 और 2012 से 2017 तक विधायक चुने गए।

केशुभाई सरकार के दौरान मंगूभाई पटेल 1998 से 2002 तक राज्य मंत्री भी रहे। इसके बाद 2002 से 2012 तक नरेंद्र मोदी सरकार में वन और पर्यावरण मंत्री रहे। लगातार 10 वर्षों तक वन और पर्यावरण मंत्री रहने के बाद, उन्हें 2013 में गुजरात विधानसभा का उपाध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद आनंदीबेन पटेल की सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। हालांकि, 2016 में जब रूपाणी मुख्यमंत्री बने तब उन्हें कैबिनेट से हटा दिया गया था। वहीं, 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट भी नहीं दिया गया था, जबकि वे मोदी के मुख्यमंत्री के कार्यकाल में लगातार दो बार यानी 10 साल तक मंत्री रह चुके थे।

शिवराज बोले- उनके अपार राजनीतिक अनुभव का लाभ प्रदेश को मिलेगा

मंगूभाई छगनभाई पटेल को मध्य प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त होने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि आपके अपार राजनीतिक अनुभव का लाभ प्रदेश को मिलेगा और राज्य प्रगति पथ पर तीव्र गति से आगे बढ़ेगा।

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