माधव कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग की मजबूती जाचेंगे इंजीनियर

माधव कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग का निरीक्षण करते मंत्री व अन्य।

भवन हेरिटेज बनेगा या ध्वस्त होगा बताएंगे लोनिवि अधिकारी

उज्जैन, अग्निपथ। देवासगेट- चामुंडा माता चौराहे के बीच बने माधव कॉलेज के पुराने भवन (वर्तमान में कालिदास कन्या कॉलेज) का भविष्य अब लोक निर्माण विभाग के विशेषज्ञ इंजीनियर तय करेंगे। रविवार को कलेक्टर ने लोनिवि कार्यपालन यंत्री को इसके लिए एक विशेषज्ञ कमेटी बनाने के निर्देश दिए है। माधव कॉलेज की बिल्डिंग 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है और इसके कई हिस्से जर्जर अवस्था में पहुंच चुके है।

सोमवार को उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, विधायक पारस जैन, कलेक्टर आशीषसिंह कालिदास कन्या कॉलेज की जनभागीदारी समिति की बैठक लेने यहां पहुंचे थे। बैठक से पूर्व इन्होंने कॉलेज के पुराने भवन का निरीक्षण किया। इस दौरान उच्चशिक्षा मंत्री ने कलेक्टर से कहा कि बिल्डिंग में यदि सुधार की गुंजाईश है तो इसे जरूर किया जाना चाहिए। उच्चशिक्षा मंत्री ने इंजीनियर्स से स्ट्रक्चर की मजबूती की जांच कराने को कहा।

जन-भागीदारी समिति की बैठक में अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा आरसी जाटवा, महाविद्यालय प्राचार्य डॉ.वंदना गुप्ता, सदस्य जगदीश पांचाल आदि उपस्थित थे। बैठक में प्राचार्य को निर्देश दिये कि वे महाविद्यालय भवन पुराना होने के कारण इसका प्राक्कलन लोक निर्माण विभाग से तैयार करवाए। इसका जीर्णोद्धार होगा या नया भवन बनाने की जरूरत है, इस सम्बन्ध में लोक निर्माण विभाग से परामर्श लिया जाए।

वर्तमान में शासकीय कालिदास कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय भवन में बारिश के मौसम में पानी टपकता है। वैकल्पिक व्यवस्था के लिये आवश्यकता होने पर दो शिफ्ट में महाविद्यालय संचालित किया जाए। वैकल्पिक व्यवस्था के लिये किराये का भवन भी लिया जा सकता है। बैठक में संस्था की प्राचार्य ने महाविद्यालय की अधोसंरचना के विकास एवं आकदमिक गतिविधि के बारे में जानकारी दी।

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