शिप्रा में मौत का सिलसिला रविवार को भी जारी, एक महीने में डूबे 8 लोग

फिर इंदौर का युवक नृसिंह घाट पर डूबा

उज्जैन, अग्निपथ। नृसिंह घाट पर शिप्रा नदी में रविवार की सुबह इंदौर के एक युवक की गहरे पानी में डूब जाने से मौत हो गई है। शनिवार को भी ठीक इसी तरह का एक हादसा दत्त अखाड़ा घाट पर भी हो चुका है। 28 अप्रैल से 5 जून के बीच शहरी क्षेत्र में शिप्रा नदी में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है। शिप्रा में लगातार हो रही मौत के बाद नगर निगम आयुक्त के निर्देश पर जोन क्रमांक 2 और 3 के जोनल अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी किए गए है। दोनों ही अधिकारियों से 24 घंटे में जवाब तलब किया गया है।

रविवार सुबह करीब 8 बजे नृसिंह घाट पर नहा रहा युवक गहरे पानी में चले जाने से डूब गया। मृत युवक का नाम पवन पिता सुनील नामदेव उम्र 18 साल है। पवन नामदेव इंदौर में बंगाली चौराहा क्षेत्र में रहता था। पवन और उसके भाई बलराम व कृष्णा सांवेर रोड की एस-प्लाईवुड कंपनी में काम करते थे और फैक्ट्री परिसर में ही रहते भी थे। पवन के पिता इंदौर में साइकिल रिपेयरिंग की दुकान चलाते है। रविवार की सुबह पवन नामदेव अपनी कंपनी के 10 सहकर्मियों के साथ उज्जैन आया था। उज्जैन पहुंचने के बाद सभी लोग नृसिंह घाट पर शिप्रा नदी में स्नान करने पहुंच गए। पवन को तैरना नहीं आता था लेकिन दोस्तों को नहाता देख वह भी नदी में कूद गया। गहरे पानी में पवन डूबने लगा तो दोस्त उसे बचाने के लिए आए, इस वक्त तक पानी पवन के फैफड़ो में चला गया था और वह बेसुध हो गया था। नृसिंह तैराक दल के सदस्यों ने उसे बाहर निकाला। घाट पर लेटाकर पवन की सांसो को दोबारा लाने की कोशिश की गई लेकिन निराशा ही हाथ लगी।

6 दिन में तीसरी मौत

शिप्रा नदी में शनिवार को भी दत्त अखाड़ा घाट पर भोपाल निवासी हेमंत पिता सुभाष निवासी सुभाष कॉलोनी भोपाल की मौत हो चुकी है। दत्त अखाड़ा घाट पर ही 31 मई को परिवार के साथ उज्जैन दर्शन के लिए आया दीपक श्रीवास्तव निवासी होशंगाबाद भी डूबकर जान गवां चुका है। बीते 6 दिनों में शिप्रा नदी में डूबने से 3 युवक मौत का शिकार हो चुके है, तीनों ही दूसरे शहरों से थे और उज्जैन दर्शन के लिए आए हुए थे।

छुट्टी के दिन साईन हुए शोकॉज नोटिस

शिप्रा नदी में एक के बाद एक लोगों की मौत होने के घटनाक्रम सामने आने के बाद नगर निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता के निर्देश पर जोन क्रमांक 2 के प्रभारी साहिल मैदावाला और जोन 3 के प्रभारी डोंगरसिंह परिहार को शोकॉज नोटिस जारी किए गए। रविवार को अवकाश के बावजूद नगर निगम कार्यालय खुला, नोटिस टाइप हुआ और अपर आयुक्त ने इस पर हस्ताक्षर किए। शिप्रा नदी में 28 अप्रैल से 5 जून के बीच 8 लोगों की मौत हो चुकी है। जोनल अधिकारियों को आकस्मिक निधि से 25 हजार रूपए तक व्यय करने के अधिकार है, इसके बावजूद शिप्रा नदी के तट पर जोनल अधिकारियों द्वारा पर्याप्त मात्रा में गहरे पानी के सूचना पट्ट नहीं लगवाए गए। इस लापरवाही पर दोनों अधिकारियों से 24 घंटे में जवाब मांगा गया है।

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