उज्जैन, अग्निपथ। आगामी सिंहस्थ महापर्व को लेकर रेलवे ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव देने के लिए पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) अश्विन कुमार ने पूरे लाव-लश्कर के साथ बाकनिया-भौंरी से उज्जैन रेलखंड का सघन विंडो ट्रेलिंग और संरक्षा निरीक्षण किया।
इस उच्च स्तरीय निरीक्षण के दौरान डीआरएम के साथ मंडल के सभी प्रमुख शाखा अधिकारी मौजूद रहे। रेलवे प्रशासन का पूरा फोकस इस बात पर है कि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को स्टेशन पर उतरते ही विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें और कहीं भी अव्यवस्था न हो।
अमृत स्टेशनों पर निर्माण की रफ्तार देखी
रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार, इस दौरे में सीहोर, शुजालपुर और मक्सी स्टेशनों का बारीकी से मूल्यांकन किया गया। इन स्टेशनों पर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत बड़े पैमाने पर विकास और उन्नयन के कार्य चल रहे हैं।
डीआरएम ने निर्माण स्थल पर जाकर इंफ्रास्ट्रक्चर की प्रगति देखी और यात्री सुविधाओं को परखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ के मद्देनजर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सर्वोपरि है, इसलिए अधोसंरचना के विकास में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समय-सीमा में गुणवत्ता बनाए रखने के कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को काम की स्पीड बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा गया। डीआरएम ने साफ तौर पर निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरे होने चाहिए ताकि एन वक्त पर अफरा-तफरी न मचे।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सिंहस्थ मेला शुरू होने से काफी पहले ही सभी स्टेशनों को पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा, ताकि सुरक्षा और सुविधाओं का ट्रायल सुचारू रूप से हो सके।
सीहोर में क्राउड होल्डिंग एरिया और नए फुटओवर ब्रिज का मुआयना
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सीहोर स्टेशन पर विशेष रूप से ‘क्राउड होल्डिंग एरिया’ यानी भीड़-रोकथाम क्षेत्र तैयार किया जा रहा है। डीआरएम अश्विन कुमार ने इस विशेष क्षेत्र का बारीकी से मुआयना किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके साथ ही स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए 12 मीटर चौड़े नए फुटओवर ब्रिज (FOB) का निर्माण भी किया जा रहा है। इस पुल के बन जाने से मेला स्पेशल ट्रेनों के समय प्लेटफॉर्म पर होने वाली यात्रियों की भारी भीड़ को आसानी से मैनेज किया जा सकेगा।
पिंगलेश्वर और पवासा स्टेशनों पर बुनियादी व्यवस्थाओं की समीक्षा
मुख्य स्टेशनों के अलावा सिंहस्थ रूट पर पड़ने वाले पिंगलेश्वर, पवासा और नईखेड़ी जैसे छोटे लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्टेशनों पर भी तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया। इन स्टेशनों पर भी मेले के दौरान ट्रेनों का ठहराव और यात्रियों का भारी दबाव रहने की उम्मीद है।
इन सेटेलाइट स्टेशनों पर पीने के पानी, छाया, शौचालय और रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था करने की योजना है। डीआरएम ने निर्देश दिए कि मुख्य स्टेशन पर दबाव कम करने के लिए इन छोटे स्टेशनों को भी हर तरह से मुस्तैद रखा जाए।
सुगम यात्रा के लिए विभागों को आपसी समन्वय का मंत्र
अंतिम चरण में उज्जैन स्टेशन पहुंचकर सिंहस्थ मेले की अंतिम रूपरेखा पर चर्चा की गई। डीआरएम ने कहा कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को एक टीम की तरह मिलकर और आपसी समन्वय स्थापित करके काम करना होगा।
यात्रियों को बिना किसी बाधा के सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा का अनुभव कराना रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक (इंफ्रास्ट्रक्चर) अक्षय कुमार सहित रेलवे के तमाम तकनीकी और सुरक्षा विंग के वरिष्ठ अधिकारी जमीनी स्तर पर फीडबैक देते नजर आए।

