धार, अग्निपथ। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय की आस लगाए बैठे जिले के हजारों किसानों के लिए राहत भरी खबर है। सैटेलाइट इमेजिंग की तकनीक और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर ने प्रशासन और किसानों दोनों को उलझन में डाल दिया था। जिले के 9 विकासखंडों में करीब 20 हजार 591 किसानों की उपज को सैटेलाइट रिपोर्ट में गलत बताया गया था, लेकिन राजस्व विभाग के भौतिक सत्यापन के बाद यह समस्या लगभग समाप्त हो गई है।
शत-प्रतिशत सत्यापन से खुली पोल
सैटेलाइट रिपोर्ट के कारण किसानों के स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे थे, जिससे उनकी चिंताएं बढ़ गई थीं। इस रिपोर्ट ने गिरदावरी दर्ज करने वाले पटवारियों और तहसीलदारों की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा दिए थे। ऑनलाइन रिपोर्ट में करीब 40 प्रतिशत किसानों को संदिग्ध दायरे में रखा गया था। इस चुनौती को देखते हुए राजस्व अमले ने स्वयं खेतों में उतरकर एक-एक खसरे की जांच की। शुक्रवार शाम तक 20 हजार 355 किसानों का भौतिक सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है।
केवल एक प्रतिशत रिपोर्ट ही सही मिली
राजस्व विभाग की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। भौतिक सत्यापन के दौरान 20 हजार से अधिक किसानों में से महज 218 किसानों के खेतों में ही दूसरी उपज पाई गई। यानी सैटेलाइट की रिपोर्ट महज 1 प्रतिशत मामलों में ही सही साबित हुई और शेष 99 प्रतिशत मामलों में वह पूरी तरह गलत निकली। धार जिले के राजस्व अमले ने इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत सत्यापन पूर्ण कर लिया है, जिससे अब किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग का रास्ता साफ हो गया है।
किसानों ने नीति पर उठाए सवाल
इस तकनीकी त्रुटि और खरीदी प्रक्रिया में हो रही देरी को लेकर किसान संगठनों में गहरा आक्रोश है। भारतीय किसान संघ के नेता अमोल पाटीदार का कहना है कि सरकार की मंशा गेहूं खरीदने की नहीं दिख रही है। पहले तारीखें बढ़ाई गईं और अब तकनीकी खामियों के बहाने किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि समर्थन मूल्य की खरीदी नीति स्पष्ट हो और छोटे-बड़े किसानों में भेदभाव किए बिना पारदर्शी तरीके से उपार्जन किया जाए।
सांख्यिकी एक नजर में
| विवरण | आंकड़े |
| कुल किसान पंजीयन | लगभग 44,000 |
| सैटेलाइट रिपोर्ट में संदिग्ध किसान | 20,591 |
| भौतिक सत्यापन के बाद संदिग्ध मिले | 218 खेत |
| प्रभावित कुल रकबा | 28.649 हेक्टेयर |
विकासखंडवार संदिग्धों की स्थिति
जिले में बदनावर (4708), सरदारपुर (3917), धार (3701) और मनावर (2660) में सर्वाधिक संदिग्ध मामले सामने आए थे। इसके अतिरिक्त कुक्षी में 1867, पीथमपुर में 1840, धरमपुरी में 1310, गंधवानी में 495 और डही में 93 मामले सैटेलाइट रिपोर्ट में संदिग्ध दर्शाए गए थे।
