कोलकाता/चेन्नई, अग्निपथ। देश के दो प्रमुख राज्यों में कल, 23 अप्रैल को लोकतंत्र का उत्सव मनाया जाएगा। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण और तमिलनाडु की सभी सीटों पर एक साथ मतदान होना है। निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं।
पश्चिम बंगाल: प्रथम चरण में 152 सीटों पर जंग
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए पहले चरण में कल 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इस चरण में उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के कई महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में लगभग 3.6 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी 44,378 पोलिंग बूथों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि किसी बूथ पर कैमरा खराब पाया गया, तो वहां दोबारा मतदान (री-पोलिंग) के आदेश दिए जा सकते हैं।
तमिलनाडु: 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान
तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों के लिए कल एक ही चरण में मतदान संपन्न होगा। राज्य में शांतिपूर्ण मतदान के लिए अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। तमिलनाडु के साथ-साथ पुडुचेरी और असम में चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न चरण पहले ही चर्चा में रहे हैं, लेकिन कल का दिन दक्षिण भारत की राजनीति के लिए निर्णायक साबित होने वाला है।
मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
मतदान का समय सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। मतदाताओं को अपने साथ ‘वोटर आईडी’ (EPIC) ले जाना अनिवार्य है। यदि किसी के पास वोटर आईडी नहीं है, तो वे आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे वैकल्पिक पहचान पत्रों का उपयोग कर सकते हैं। आयोग ने पोलिंग बूथ के भीतर मोबाइल फोन, कैमरा या किसी भी राजनीतिक दल के प्रतीक चिह्न ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि सभी राज्यों के चुनावी नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।
