उज्जैन, अग्निपथ। आगामी रविवार (26 March 2026) से शहर के हृदय स्थल कंठाल से सतीगेट तक मार्ग चौड़ीकरण का महत्वपूर्ण कार्य प्रारंभ होने जा रहा है। नगर निगम की जेसीबी की सहायता से सराफा होते हुए छत्रीचौक तक के सभी अतिक्रमणों को हटाने की योजना तैयार की गई है। एमआईसी सदस्य रजत मेहता ने क्षेत्र के व्यापारियों और रहवासियों को पहले ही इस संबंध में सूचित कर दिया है कि रविवार से निगम की कार्रवाई शुरू होगी। उन्होंने अपील की है कि जिन लोगों ने स्वयं के स्तर पर अतिक्रमण नहीं हटाए हैं, वे समय रहते हटा लें। 24 अप्रैल 2026 को इस क्षेत्र में हलचल तेज रही क्योंकि महापौर मुकेश टटवाल स्वयं विकास कार्यों का जायजा लेने पहुंचे थे। उनकी उपस्थिति में कई जागरूक रहवासियों ने स्वतः ही अपने अतिक्रमण हटाना शुरू कर दिया है। ज्ञात रहे कि पहले चरण का यह कार्य कंठाल से सतीगेट तक के दायरे में संचालित किया जाएगा।
अधिकारियों के बिना निरीक्षण पर निकले महापौर के सामने रहवासियों ने रखी व्यथा
शुक्रवार सुबह महापौर मुकेश टटवाल जब बिना किसी प्रशासनिक अमले के खजूर वाली मस्जिद से पत्ती बाजार तक चल रहे चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे, तो उन्हें जनता की नाराजगी और समस्याओं का सामना करना पड़ा। रहवासियों ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि नगर निगम द्वारा पूर्व में लगाए गए निशानों के आधार पर उन्होंने अपने मकान और दुकानों के हिस्से स्वयं तोड़ लिए थे। लेकिन जब उन्होंने दोबारा दीवार खड़ी की, तो निगम कर्मचारियों ने यह कहकर दीवार ढहा दी कि अभी दो फीट और अंदर तोड़ना होगा। रहवासियों का तर्क था कि यदि एक बार में ही सही निशान लगाए जाते, तो उन्हें आर्थिक नुकसान नहीं झेलना पड़ता। इसके अलावा, लोगों ने शिकायत की कि वे निगम का सहयोग कर रहे हैं, लेकिन क्षेत्र से मलबा उठाने में निगम द्वारा काफी कोताही बरती जा रही है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है।
टेढ़ी-मेढ़ी नालियां और पाइपलाइन लीकेज बनी मुसीबत
क्षेत्रीय नागरिकों ने निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। महापौर को बताया गया कि मार्ग पर बनाई जा रही नालियां सीधी होने के बजाय सर्पाकार (टेढ़ी-मेढ़ी) बनाई जा रही हैं। कई स्थानों पर पाइपलाइन और सीवरेज लाइन आपस में मिल गई हैं, जो भविष्य में गंभीर जल प्रदूषण और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं। पत्ती बाजार और केडी गेट चौराहे के विकास को लेकर भी चर्चा हुई। रहवासियों ने मांग की है कि चौराहों की ड्राइंग और डिजाइन शीघ्र सार्वजनिक की जाए, ताकि मकान और दुकान हटाने में सहजता रहे। मुआवजे के मुद्दे पर महापौर ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार जो भी राशि पात्र हितग्राहियों की बनती है, उसे देने के लिए नगर निगम पूरी तरह तैयार है। निरीक्षण के दौरान मिली लीकेज और गंदगी की समस्याओं पर महापौर ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही अधिकारियों की बैठक लेकर इनके त्वरित निराकरण के निर्देश देंगे।
कंठाल चौराहे पर रात्रि में चलेगा डिमोलिशन का काम
सिंहस्थ महापर्व के दृष्टिगत शहर के आंतरिक मार्गों का कायाकल्प युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने भी शुक्रवार को कोयला फाटक से कंठाल चौराहा और सतीगेट मार्ग का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदारों को पोल शिफ्टिंग, पाइपलाइन कार्य और सीआरएम कार्य में गति लाने के सख्त निर्देश दिए। आयुक्त ने कंठाल चौराहे के प्रभावित मकानों को रात के समय शिफ्ट में हटाने के निर्देश दिए हैं, ताकि दिन में यातायात बाधित न हो और सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जा सके। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों से चर्चा की, जिन्होंने विकास कार्य में सहयोग का आश्वासन दिया। निरीक्षण के समय कार्यपालन यंत्री हिमांशु तिवारी, उपयंत्री राजेंद्र रावत और संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे।
