सीहोर, अग्निपथ। विद्यार्थियों में आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं की रोकथाम के लिए सीहोर जिले में जिला स्तरीय टास्क फोर्स (ष्ठञ्जस्न) का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में छात्र-छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और आत्महत्या पर नियंत्रण स्थापित करना है।
इस संबंध में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, चन्द्रशेखर आज़ाद शासकीय स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय, सीहोर में 28 नवंबर 2025 को प्रथम जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। यह टास्क फोर्स सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों तथा राज्य स्तरीय टास्क फोर्स के मार्गदर्शन के अनुपालन में गठित की गई है।
प्रमुख निर्णय और घोषणाएँ
बैठक में छात्र हित और मानसिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। जिसमें जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर श्री बालागुरू के. को समिति का अध्यक्ष और प्राचार्य डॉ. रोहिताश्व कुमार शर्मा को सदस्य सचिव बनाया गया है। जिले के सभी शिक्षण संस्थानों (स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और उच्च शिक्षा) को मानसिक स्वास्थ्य नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। सभी संस्थानों को एनटीएफ वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों का अध्ययन और अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों की अद्यतन सूची तैयार करने, उनका पंजीयन पूरा कराने और कोचिंग हब में विशेष निगरानी रखने पर सहमति बनी है। इसके लिए संयुक्त निरीक्षण हेतु दो टीमें गठित की जाएँगी।
शिकायत निवारण
छात्र हित के लिए सभी संस्थानों में शिकायत पेटियां लगाई जाएँगी। इसके अलावा, एक जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति का भी गठन होगा। सभी संस्थानों को अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रत्येक माह की 10 तारीख तक भेजना अनिवार्य होगा।
राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास केंद्र, सीहोर द्वारा शैक्षणिक संस्थानों के स्टाफ और विद्यार्थियों को समय-समय पर काउंसलिंग और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान को हर तीन माह में शिक्षक–विद्यार्थी खुला संवाद आयोजित करना होगा। सभी संबंधित विभाग अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक माह एसटीएफ को भेजेंगे।
बैठक के अंत में सभी विभागों को लिए गए इन महत्वपूर्ण निर्णयों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
