उज्जैन, अग्निपथ। उज्जैन जिला न्यायालय ने करीब चार वर्ष पुराने एक सनसनीखेज हत्याकांड में अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने दूसरी पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने वाले आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने हत्या के बाद घर के बाहर ताला लगा दिया था और फरार होकर शिप्रा नदी किनारे पहुंच गया था, जहां से उसने खुद अपने बेटे को फोन कर वारदात की जानकारी दी थी।
बेटे को फोन कर बताया- मैंने तुम्हारी मां को मार दिया है
मीडिया सेल प्रभारी कुलदीप सिंह भदौरिया के अनुसार, इस पूरे मामले की सूचना मृतका लीला चौहान के पुत्र हर्षित सिंह चौहान ने पुलिस को दी थी। हर्षित ने बताया था कि 11 मई 2022 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच राजरॉयल कॉलोनी स्थित घर पर उसकी मां लीला और पिता दिनेश चौहान के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। झगड़े के बाद दोनों अपनी मोपेड से रामघाट घूमने जाने का कहकर घर से निकले थे। रात करीब 11:30 बजे दिनेश ने दोबारा फोन कर हर्षित को बताया कि उसने वीरनगर स्थित किराए के मकान में लीला की गला घोंटकर हत्या कर दी है।
खिड़की के पास चाबी रख हुआ था फरार
आरोपी दिनेश ने फोन पर यह भी बताया कि उसने घर के बाहर ताला लगा दिया है और चाबी खिड़की के पास रख दी है। सूचना मिलते ही हर्षित वीरनगर पहुंचा, जहां खिड़की से चाबी उठाकर उसने ताला खोला। अंदर कमरे में लीला चौहान का शव पड़ा हुआ था, उनकी नाक से खून निकल रहा था और गले पर दबाने के निशान थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी दिनेश चौहान को गिरफ्तार किया और मामले की जांच शुरू की।
साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मिली सजा
अनुसंधान के दौरान प्रभारी उप संचालक अभियोजन राजेंद्र कुमार खांडेगर ने पुलिस को विधि सम्मत परामर्श और साक्ष्य संकलन में मार्गदर्शन प्रदान किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस सबूत और गवाह न्यायालय के समक्ष पेश किए।
5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
उज्जैन जिला न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी दिनेश चौहान को पत्नी की हत्या का दोषी पाया। न्यायालय ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
