उज्जैन : सड़कों पर खड़े भंगार वाहन होंगे जब्त

महापौर ने हाथ में थामी झाड़ू, 6 वार्डों में चला विशेष अभियान

उज्जैन, अग्निपथ। ‘स्वच्छता में शक्ति, उज्जैन की भक्ति’ अभियान के तहत शुक्रवार को उज्जैन के विभिन्न वार्डों में स्वच्छता की अलख जगाई गई। महापौर मुकेश टटवाल ने इस अभियान के माध्यम से न केवल नागरिकों से संवाद किया, बल्कि स्वयं झाड़ू थामकर श्रमदान भी किया। निरीक्षण के दौरान महापौर ने एक बड़ी समस्या की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए सख्त निर्देश दिए कि सड़कों पर खड़े भंगार वाहन जो लंबे समय से लावारिस हालत में पड़े हैं, उन्हें तत्काल जब्त किया जाए। महापौर का स्पष्ट मानना है कि इन कबाड़ वाहनों के कारण न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि इनके नीचे जमा कचरा शहर की सफाई व्यवस्था में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

6 वार्डों में एक साथ चला महा-अभियान

स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों और शहर को सुंदर बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को 6 वार्डों में विशेष अभियान चलाया गया। वार्ड क्रमांक 05 पुरुषोत्तम सागर पर सफाई और श्रमदान किया गया, जबकि वार्ड 12 कालिदास उद्यान में ‘3R’ (रिड्यूस, रीयूज, रीसायकल) को लेकर जागरूकता फैलाई गई। वार्ड क्रमांक 25 बहादुरगंज चौराहे पर महापौर ने स्वयं श्रमदान किया। इसी तरह वार्ड 44 फ्रीगंज के व्यावसायिक क्षेत्रों में प्लास्टिक मुक्त अभियान, वार्ड 17 ढांचा भवन क्षेत्र में जागरूकता रैली और वार्ड 35 हनुमान नाका से हरि फाटक तक नालों व नालियों की सफाई का सघन कार्य किया गया।

सड़कों पर खड़े भंगार वाहन सफाई में सबसे बड़ी बाधा

अभियान के दौरान बहादुरगंज चौराहे पर महापौर मुकेश टटवाल ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि शहर की मुख्य सड़कों और तंग गलियों में कई ऐसे वाहन खड़े हैं जो वर्षों से भंगार हो चुके हैं। सड़कों पर खड़े भंगार वाहन सफाई कर्मियों को झाड़ू लगाने और नालियों की सफाई करने में रुकावट पैदा करते हैं। इन गाड़ियों के नीचे महीनों का कचरा जमा रहता है जो बीमारियों को न्योता देता है। महापौर ने स्वास्थ्य विभाग और जोन अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे सभी वाहनों की सूची बनाकर उन्हें पुलिस और नगर निगम की मदद से तत्काल जब्त किया जाए, ताकि सफाई कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।

नालियों की सफाई के लिए ‘नाला गैंग’ सक्रिय

महापौर ने निरीक्षण के दौरान पाया कि कुछ स्थानों पर नालियां चोक हैं, जिससे जलभराव की स्थिति बन सकती है। उन्होंने तत्काल स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिया कि नाला गैंग के कर्मचारियों को लगाकर शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की गहरी सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मुख्य सड़कों की सफाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि गलियों के अंतिम छोर तक स्वच्छता का संदेश और काम पहुंचना चाहिए।

जन-भागीदारी से बनेगा स्वच्छ उज्जैन

अभियान के दौरान महापौर ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों से भी सीधा संवाद किया। उन्होंने फ्रीगंज जैसे व्यावसायिक क्षेत्र में दुकानदारों से अपील की कि वे अपनी दुकानों से निकलने वाला कचरा डस्टबिन में ही रखें और प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद कर दें। उन्होंने कहा कि जब तक जनता स्वयं जागरूक होकर सड़कों पर खड़े भंगार वाहन हटाने और कचरा प्रबंधन में सहयोग नहीं करेगी, तब तक पूर्ण स्वच्छता का लक्ष्य प्राप्त करना कठिन है।

प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

इस विशेष स्वच्छता अभियान के दौरान महापौर के साथ स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी सदस्य सत्यनारायण चौहान, वार्ड 25 की क्षेत्रीय पार्षद एवं एमआईसी सदस्य डॉ. योगेश्वरी राठौड़, एमआईसी सदस्य शिवेंद्र तिवारी, रजत मेहता, कैलाश प्रजापत, जितेंद्र कुवाल शामिल थे। प्रशासनिक अधिकारियों में उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल, संजेश गुप्ता, सहायक आयुक्त रविकांत मगरदे, जोनल अधिकारी जितेंद्र श्रीवास्तव, स्वास्थ्य अधिकारी हरीश व्यास और आईईसी टीम के सदस्य उपस्थित रहे।