देवास, अग्निपथ। शहर की गंगा पार्क कॉलोनी में गुरुवार दोपहर एक तेज रफ्तार ऑटो ने खुशियों को मातम में बदल दिया। अनियंत्रित होकर आए ऑटो ने घर के बाहर खड़ी 5 साल की मासूम बच्ची चेष्टा शर्मा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो चालक बच्ची को करीब 10 से 15 फीट तक घसीटता हुआ ले गया। इस दर्दनाक हादसे में बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद कॉलोनी में चीख-पुकार मच गई और आरोपी चालक मौके से फरार हो गया।
यह हृदयविदारक घटना गुरुवार दोपहर करीब 12:30 बजे की है। चेष्टा अपने घर के बाहर खड़ी थी, तभी तेज रफ्तार ऑटो ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के तुरंत बाद घर की महिलाएं ऑटो को पकड़ने के लिए पीछे दौड़ीं, लेकिन चालक वाहन लेकर भागने में सफल रहा। बदहवास परिजन तुरंत बच्ची को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि, परिजनों को इस पर यकीन नहीं हुआ और वे उम्मीद की किरण लिए उसे एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने उसे मृत ही बताया।
राजस्थान जाने की थी तैयारी, रास्ते में ही टूट गई सांसें
परिजनों की ममता बच्ची को खोने को तैयार नहीं थी। वे उसे बेहतर इलाज के लिए इंदौर ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्हें उसकी मौत का यकीन हो गया। भारी मन से परिजन शव को लेकर वापस जिला अस्पताल आए और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। मृतक चेष्टा, दिनेश शर्मा की इकलौती बेटी थी। दिनेश शर्मा साड़ी की दुकान चलाते हैं और घटना के समय वे अपनी दुकान पर थे। घर पर चेष्टा की मां अकेली थी और घरेलू काम में व्यस्त थी। मोहल्ले के बच्चों ने जब मां को दौड़कर सूचना दी, तब जाकर इस भयावह हादसे का पता चला।
एक दिन पहले ही राजस्थान से लौटा था परिवार
परिजनों ने बताया कि चेष्टा पड़ोस में खेलने गई थी और वहां से लौटकर अपने घर के ठीक सामने खड़ी थी, तभी यह हादसा हुआ। मासूम की मां ने रोते हुए बताया कि उन्हें अपने एक परिचित के यहां भोजन पर जाना था। वह इसी सिलसिले में अपने पति को फोन लगा रही थीं, तभी बाहर से बच्चों के चिल्लाने की आवाज आई। बच्ची के मामा सतीश ने बताया कि पूरा परिवार अभी एक दिन पहले ही राजस्थान से लौटा था।
शर्मा परिवार मूल रूप से राजस्थान के भीलवाड़ा का रहने वाला है। वे करीब 15 दिनों के लिए एक धार्मिक कार्यक्रम (रतजगा) में शामिल होने राजस्थान गए थे और वहां से वापस देवास लौटे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि लौटने के अगले ही दिन काल इस तरह झपट्टा मारेगा। परिजनों ने निर्णय लिया है कि बच्ची का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव भीलवाड़ा में ही किया जाएगा।
‘गाय के बछड़े को खिलाने जा रही हूं’… ये थे आखिरी शब्द
मां ने सुबकते हुए बताया कि चेष्टा को जानवरों से बहुत लगाव था। वह रोजाना घर के पास आने वाले गाय के बछड़े को कुछ न कुछ खिलाने जाती थी। घटना वाले दिन भी वह मां से यही कहकर बाहर निकली थी कि ‘मैं बछड़े को खिलाने जा रही हूं’। मां अंदर काम में लग गई और कुछ ही मिनटों बाद मासूम की मौत की खबर आ गई। इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपी ऑटो चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि फरार चालक को जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
