मुख्यमंत्री का औचक निरीक्षण; ट्रॉली पर चढक़र जांची गेहूं की चमक

डॉ. मोहन यादव ने किसानों को किया आश्वस्त- एक-एक दाना खरीदेगी सरकार

शाजापुर, अग्निपथ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गुरुवार को एक अलग ही जुझारू तेवर देखने को मिला। शाजापुर जिले के मकोड़ी स्थित श्यामा उपार्जन केंद्र पर जब मुख्यमंत्री अचानक पहुंचे, तो वहां मौजूद किसान और अधिकारी भौचक्के रह गए। जमीनी हकीकत जानने के लिए मुख्यमंत्री प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना सीधे ट्रैक्टर-ट्रॉली पर चढ़ गए। उन्होंने अपने हाथों में गेहूं की सुनहरी बालियां लेकर उसकी गुणवत्ता की बारीकी से परख की और किसानों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुना।

किसानों को बड़ी राहत: अब 23 मई तक होगी खरीदी

उपार्जन केंद्र पर पसीना बहा रहे किसानों को बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री ने खरीदी की समय सीमा बढ़ाने का ऐलान किया। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि पहले गेहूं उपार्जन की अंतिम तिथि 9 मई 2026 निर्धारित थी, जिसे किसानों की सुविधा के लिए अब बढ़ाकर 23 मई 2026 कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसान भाई चिंता न करें, सरकार उनके पसीने की पूरी कीमत देगी और गेहूं का एक-एक दाना खरीदा जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इस तारीख को आगे और बढ़ाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने खुद लिया व्यवस्थाओं का फीडबैक

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सीधे किसान दीपक और राहुल से संवाद किया। उन्होंने पूछा कि क्या स्लॉट बुकिंग में कोई दिक्कत तो नहीं आ रही या परिवहन की व्यवस्था कैसी है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से ओटीपी के माध्यम से होने वाले भुगतान की प्रक्रिया की जानकारी ली ताकि किसानों के बैंक खातों में बिना किसी बाधा के पैसा पहुंच सके। उन्होंने केंद्र पर मौजूद अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि इस भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्रों पर किसानों के लिए पर्याप्त छांव और ठंडे पानी के इंतजाम होने चाहिए।

प्रशासनिक अमले में मची रही हलचल

अचानक हुए इस हाई-प्रोफाइल दौरे से पूरे प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी का माहौल रहा। मुख्यमंत्री के साथ उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार, विधायक अरुण भीमावद और जिला पंचायत अध्यक्ष हेमराजसिंह सिसोदिया भी मौजूद रहे। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह, आईजी राकेश कुमार गुप्ता और कलेक्टर ऋजु बाफना सहित जिले के तमाम आला अधिकारी मौके पर डटे रहे।

अपने सामने तुलवाया कांटा और लाड़ली बहना से जाना हाल

व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डॉ. यादव ने अपनी मौजूदगी में गेहूं की तुलाई करवाई। इसी दौरान उनकी नजर बारदानों पर छपाई का काम कर रही स्व-सहायता समूह की सदस्य संगीता बाई पर पड़ी। मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके पास जाकर काम के बारे में पूछा और लाड़ली बहना योजना की किश्त समय पर मिलने की जानकारी ली। संगीता बाई को भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की हर बहन के सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

खरगोन: हेलीपैड की बजाय सीधे गेहूं उपार्जन केंद्र पहुंचे मुख्यमंत्री

खरगोन, अग्निपथ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार सुबह महेश्वर में अपने निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव कर सबको चौंका दिया। हेलीपैड के लिए रवाना हुए मुख्यमंत्री का काफिला अचानक बड़वाह मार्ग स्थित कतरगांव के गेहूं उपार्जन केंद्र की ओर मुड़ गया। मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच पाकर वहां मौजूद किसान और कर्मचारी हैरान रह गए।

बिना किसी औपचारिक प्रोटोकॉल के डॉ. यादव सीधे किसानों के बीच पहुंचे और उनसे संवाद किया। उन्होंने किसानों से पूछा कि क्या उन्हें भुगतान समय पर मिल रहा है और तौल में कोई समस्या तो नहीं आ रही। मुख्यमंत्री ने कंप्यूटर पर जाकर स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया को भी खुद समझा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता होनी चाहिए। डॉ. यादव ने आश्वस्त किया कि सरकार 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों के गेहूं की पाई-पाई का भुगतान करेगी।

भीषण गर्मी में व्यवस्थाओं के लिए कलेक्टर को निर्देश

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कलेक्टर भव्या मित्तल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि भीषण गर्मी को देखते हुए केंद्रों पर किसानों के बैठने और ठंडे पानी की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को धूप में खड़ा न रहना पड़े, इसके लिए तौल कांटों की संख्या छह कर दी गई है और जरूरत पडऩे पर इन्हें और बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अलर्ट करते हुए कहा कि वे प्रदेश के किसी भी जिले में अचानक केंद्रों का जायजा लेने पहुंच सकते हैं।

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