बेटों ने मां को घर से निकाला और मकान पर किया कब्जा, पुलिस ने दर्ज किया मामला

उज्जैन पुलिस फाइल

धार, अग्निपथ। कहते हैं कि मां अपने बच्चों के लिए पूरी दुनिया से लड़ जाती है, लेकिन जब वही बच्चे दुनियादारी सीखकर मां को ही बोझ समझने लगें, तो समाज और रिश्तों पर सवाल खड़े होने लाजमी हैं। शहर के नजदीकी ग्राम जेतपुरा में ऐसा ही एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहाँ दो बेटों ने अपनी 60 वर्षीय वृद्ध मां को न केवल बेसहारा छोड़ दिया, बल्कि उनके मकानों पर भी कब्जा कर लिया। अब कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर नौगांव पुलिस ने दोनों बेटों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पीड़ित वृद्धा रामकन्याबाई (60) पति बाबूलाल लोहार निवासी जेतपुरा ने बताया कि उनके दो बेटों गोविंद और राधेश्याम ने उन्हें घर से निकाल दिया और उनके जेतपुरा व सादलपुर स्थित मकानों पर कब्जा कर लिया। सिर से छत छिन जाने के बाद जब पीड़िता ने विधि सहायता शिविर के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई, तो एसडीएम कोर्ट ने दोनों बेटों को आदेश दिया था कि वे अपनी मां को प्रति माह 2500-2500 रुपये भरण-पोषण के रूप में देंगे। लेकिन बेटों ने कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए मां के खाते में एक रुपया भी जमा नहीं कराया।

जब विधि सहायता केंद्र को सूचना दी गई कि बेटों ने न्यायिक आदेश का पालन नहीं किया है, तो कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए नौगांव पुलिस को सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए। कोर्ट के निर्देश पर नौगांव पुलिस ने आरोपी बेटों गोविंद और राधेश्याम के खिलाफ ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक देखभाल एवं कल्याण अधिनियम’ के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

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