मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर आयुक्त ने किया पैदल दौरा
उज्जैन। मानसून के आगमन के साथ ही संभावित जलभराव की स्थिति से निपटने और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उज्जैन नगर निगम बेहद गंभीर नजर आ रहा है। नगर निगम द्वारा इन दिनों विभिन्न वार्डों में व्यापक स्तर पर नालियों की सफाई, सिल्ट (कीचड़) निकालने और मार्ग बाधित करने वाले अतिक्रमणों को हटाने का विशेष अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
इसी सिलसिले में शुक्रवार सुबह निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने प्रशासनिक अमले के साथ शहर के कई संवेदनशील क्षेत्रों का पैदल भ्रमण कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। इस दौरान आयुक्त ने ढाबा रोड चौड़ीकरण कार्य, वार्ड क्रमांक 14 स्थित भार्गव सब्जी मार्केट और वार्ड क्रमांक 9 के प्रभावित इलाकों का सूक्ष्म निरीक्षण किया।
उन्होंने लापरवाही बरतने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों, कचरा संग्रहण एजेंसियों और स्थानीय व्यापारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब सीधे दंडात्मक और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
सड़क निर्माण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, ठेकेदार को गुणवत्ता सुधारने के निर्देश
निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने अपने निरीक्षण दौरे की शुरुआत ढाबा रोड क्षेत्र से की। यहाँ उन्होंने ढाबा रोड से लेकर प्रसिद्ध सत्यनारायण मंदिर तक निर्माणाधीन सड़क के चौड़ीकरण और डामरीकरण कार्य का बारीक अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर सड़क की फिनिशिंग और ढाल (लेवल) को लेकर खामियां पाई गईं।
इस पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित निर्माण ठेकेदार और कंसल्टेंट को सख्त हिदायत दी कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार का तकनीकी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि पहली बारिश से पूर्व ही सड़क की फिनिशिंग और लेवलिंग का कार्य तय समय-सीमा के भीतर और निर्धारित उच्च गुणवत्ता के मानदंडों के अनुरूप अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए, ताकि यहाँ से गुजरने वाले नागरिकों को असुविधा न हो।
भार्गव सब्जी मार्केट में अव्यवस्था पर भड़के आयुक्त, सेग्रीगेशन फेल होने पर लगेगा भारी जुर्माना
इसके पश्चात निगम आयुक्त वार्ड क्रमांक 14 के अंतर्गत आने वाले व्यस्ततम भार्गव सब्जी मार्केट पहुँचे। यहाँ जब उन्होंने कचरा पृथक्करण (कचरा सेग्रीगेशन) की स्थिति देखी, तो वह बेहद असंतोषजनक और लचर पाई गई। गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने के बजाय एक ही जगह फेंका जा रहा था, जिससे वार्ड की स्वच्छता रैंकिंग और जनस्वास्थ्य प्रभावित हो रहा था।
व्यवस्था में बड़ी खामी पाते हुए आयुक्त ने मौके पर ही संबंधित क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारी और सफाई का ठेका लेने वाली नोडल एजेंसी के प्रतिनिधि की क्लास लगाई और उनके खिलाफ तत्काल विभागीय स्तर पर जुर्माने की कार्रवाई करने के आदेश जारी किए।
व्यापारियों को दोटूक: नालियों में कचरा फेंका तो भुगतनी होगी सख्त सजा
मार्केट के भ्रमण के दौरान आयुक्त ने दुकानदारों और सब्जी व्यापारियों से सीधा संवाद किया और उन्हें चेतावनी भरे लहजे में सख्त हिदायत दी कि कोई भी व्यापारी अपनी दुकान का कचरा सड़कों या नालियों में नहीं बहाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद वार्ड दरोगा को निर्देशित किया कि वे हर दुकान पर जाकर व्यापारियों को जागरूक करें कि वे अपनी दुकानों के बाहर अनिवार्य रूप से दो अलग-अलग डस्टबिन (गीले कचरे के लिए हरा और सूखे कचरे के लिए नीला) रखें। व्यापारियों को प्रेरित किया जाए कि वे सारा कचरा केवल नगर निगम के डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन में ही डालें।
यदि इसके बाद भी किसी दुकान के सामने या नाली में कचरा पाया जाता है, तो उस व्यापारी के विरुद्ध भारी जुर्माने के साथ-साथ दुकान सील करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
केडी गेट चौराहा: बारिश से पहले मलबा हटाने और प्रभावी जल निकासी के निर्देश
दौरे के अगले चरण में निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने केडी गेट चौराहे का रुख किया। यहाँ हाल ही में हुए सड़क चौड़ीकरण कार्य के बाद सड़क के किनारों और नालियों के समीप भारी मात्रा में मलबा (सीएंडडी वेस्ट) जमा पाया गया, जिससे मानसून के दौरान पानी निकासी रुकने का बड़ा खतरा बना हुआ था।
आयुक्त ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संबंधित जोनल अधिकारी श्याम सुंदर शर्मा को निर्देशित किया कि वे तत्काल विशेष डंपर और जेसीबी लगाकर इस पूरे मलबे को 24 घंटे के भीतर वहां से साफ करवाएं। साथ ही चौराहे के आसपास की सभी छोटी-बड़ी नालियों की प्रभावी और गहरी सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे भारी बारिश के दौरान भी चौराहे पर जलभराव या ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न न हो पाए।
भैरूनाला में ओटले तोड़कर साफ की नालियां
निगम कंट्रोल रूम को वार्ड क्रमांक 9 के भैरूनाला (भैरवनाला) क्षेत्र से स्थानीय नागरिकों द्वारा लगातार जलभराव और नालियां चोक होने की शिकायतें मिल रही थीं। इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए आयुक्त स्वयं मौके पर पहुँचे। धरातल पर जांच करने पर सामने आया कि मार्ग के किनारे बने घरों और दुकानों के मालिकों ने नालियों के ऊपर पक्के ओटले (चबूतरे) और रैंप बनाकर अस्थायी रूप से अतिक्रमण कर रखा था, जिसके कारण सफाई कर्मचारी नालियों के भीतर उतरकर सफाई नहीं कर पा रहे थे।
आयुक्त ने बिना किसी दबाव के मौके पर ही मलबे और ओटलों को जेसीबी के माध्यम से तत्काल ध्वस्त करने (हटाने) के निर्देश दिए। निगम की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन अवरोधों को हटाया और बंद पड़ी नालियों की पूरी तरह से गाद साफ करवाई।
इसके साथ ही उन्होंने जोनल अधिकारी, स्वास्थ्य निरीक्षक और संबंधित दरोगा को निर्देश दिए कि इस पूरे मार्ग पर नालियों और चैंबरों की नियमित सफाई की मॉनिटरिंग की जाए, ताकि वर्षाकाल में जल निकासी की गति सुचारु बनी रहे।
सराहनीय कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों की पीठ थपथपाई
सख्त कार्रवाई के बीच निगम आयुक्त का एक संवेदनशील रूप भी देखने को मिला। जब वे वार्ड क्रमांक 9 के दूसरे हिस्से में निरीक्षण कर रहे थे, तो उन्होंने देखा कि वहां कचरा संग्रहण वाहन का हेल्पर और कर्मचारी पूरी मुस्तैदी के साथ हर घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करवाकर वाहन में व्यवस्थित तरीके से लोड कर रहे थे।
क्षेत्र में कचरा पृथक्करण का यह कार्य बेहद अनुकरणीय और संतोषजनक पाया गया। आयुक्त ने सार्वजनिक रूप से उस संबंधित एजेंसी के हेल्पर की पीठ थपथपाई, उसकी कार्यशैली की सराहना की और अन्य वार्डों के सफाई मित्रों व दरोगाओं को भी इसी निष्ठा से कार्य करने की प्रेरणा लेने को कहा।
इस व्यापक निरीक्षण दौरे के दौरान जोनल अधिकारी श्याम सुंदर शर्मा, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी हरीश व्यास, क्षेत्रीय स्वास्थ्य निरीक्षक, वार्ड दरोगा, संबंधित निर्माण एजेंसी के ठेकेदार और प्रोजेक्ट कंसलटेंट सहित नगर निगम के तमाम आला अधिकारी और मैदानी कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

