दो अलग-अलग हादसों में बाइक सहित बहा पंचायत सहायक सचिव, ग्रामीण की बची जान
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले और आसपास के ग्रामीण अंचलों में मानसून की पहली जोरदार बारिश ने जहां एक ओर उमस से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाओं की चिंताएं बढ़ा दी हैं। गुरुवार शाम से शुरू हुआ तेज बारिश का दौर शुक्रवार तक लगातार जारी रहा, जिससे प्रसिद्ध शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और नदी उफान पर आ गई।
इस मूसलाधार बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों के नदी-नाले भी उफान पर हैं, जिसके कारण जिले में दो गंभीर हादसे सामने आए हैं। इन हादसों में एक पंचायत सहायक सचिव अपनी बाइक सहित तेज बहाव में बहकर लापता हो गए हैं, जबकि एक अन्य ग्रामीण पेड़ का सहारा मिलने से बाल-बाल बच गया।
हादसा 1: पुलिया पार करते समय बाइक सहित बहे सहायक सचिव, तलाश जारी

पहली दुखद घटना इंगोरिया थाना क्षेत्र से सामने आई है। इंगोरिया थाना प्रभारी दीपेश व्यास से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम गांवड़ी लोढ़ा की ग्राम पंचायत में पदस्थ सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे अपनी शासकीय ड्यूटी पूरी करके वापस अपने घर लौट रहे थे। अपने गांव पहुँचने के लिए उन्होंने पुराने मार्ग पर स्थित एक छोटी पुलिया को पार करने का प्रयास किया।
चूंकि बारिश के कारण नाला पूरी तरह उफान पर था और पानी पुलिया के काफी ऊपर तेज वेग से बह रहा था, तभी अचानक उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई। पानी के जबरदस्त थपेड़ों के कारण सूर्य प्रताप सिंह बाइक सहित गहरे पानी में बह गए और लापता हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, होमगार्ड और एसडीईआरएफ (SDERF) की रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं और रात में ही सघन खोजबीन अभियान (Search Operation) शुरू किया गया। राहत दल ने शुक्रवार सुबह कड़ी मशक्कत के बाद पानी से उनकी बाइक तो बरामद कर ली है, लेकिन सूर्य प्रताप सिंह का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। गोताखोरों की मदद से उनकी तलाश लगातार जारी है।
हादसा 2: जगोटी में रपट पार कर रहा ग्रामीण बहा, पेड़ ने दी नई जिंदगी
दूसरी घटना जगोटी गांव के खेड़ा खजूरिया मार्ग पर स्थित रपट (पुलिया) पर घटित हुई। गुरुवार शाम को हुई भारी बारिश के कारण यहाँ भी पुलिया पर पानी का बहाव बेहद खतरनाक था, जिसके चलते मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। इसी बीच, 47 वर्षीय केशुलाल नामक एक ग्रामीण ने जोखिम उठाते हुए अपनी बाइक से पुलिया पार करने की कोशिश की।
वे पुलिया पर कुछ ही दूरी आगे बढ़े थे कि पानी के तेज दबाव ने उनकी बाइक का संतुलन बिगाड़ दिया। मौके पर मौजूद दो स्थानीय युवकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर केशुलाल को खींचने और बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव इतना उग्र था कि वे सफल नहीं हो सके। केशुलाल देखते ही देखते बाइक सहित पानी में बह गए, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
सौभाग्य से, कुछ दूरी पर बहकर जाने के बाद पानी के बीच एक मजबूत पेड़ आ गया। केशुलाल ने सूझबूझ दिखाते हुए उस पेड़ की डाली को कसकर पकड़ लिया और पानी के बीच लटके रहे, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि, उनकी बाइक पानी के तेज बहाव में पूरी तरह बह गई। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
उज्जैन शहर में जलभराव: निचले इलाकों में घुसा पानी, शिप्रा के घाट डूबे
ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ उज्जैन शहर के निचले इलाकों में भी पिछले दो दिनों की लगातार बारिश का व्यापक असर देखने को मिला है। शहर के प्रमुख व्यावसायिक और रिहायशी क्षेत्रों जैसे एटलस चौराहा, केडी गेट और नीलगंगा सहित कई निचले इलाकों की सड़कों पर भारी जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
उधर, शिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से शुक्रवार सुबह छोटे पुल के पास स्थित रामघाट और अन्य घाटों के कई प्राचीन मंदिर पूरी तरह पानी में डूब गए। बाढ़ जैसी स्थिति के कारण घाटों पर स्थित कई प्रमुख मंदिरों तक पहुंचना पूरी तरह असंभव हो गया, जिसके चलते शुक्रवार सुबह की जाने वाली प्रात:कालीन पारंपरिक पूजा और दिव्य आरती बाधित रही।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: घाटों पर 3 शिफ्टों में 33 जवान तैनात
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने घाटों पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। शिप्रा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए महाकाल थाना पुलिस, होमगार्ड और आपदा प्रबंधन (SDERF) के कुल 33 जवानों को तीन अलग-अलग शिफ्टों में चौबीसों घंटे निगरानी के लिए तैनात किया गया है। यह दल लगातार घाटों पर गश्त कर रहा है और बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं व आम जनता को गहरे पानी की तरफ जाने से रोक रहा है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उज्जैन में पिछले 24 घंटे के दौरान 1.27 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस मानसून सीजन में अब तक जिले में कुल 12.88 इंच औसत वर्षा हो चुकी है।
आगामी 48 घंटों में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस प्रशासन ने आम जनता से पुरजोर अपील की है कि वे उफनते नदी-नालों, रपटों या पुलियाओं को पार करने का दुस्साहस कतई न करें, क्योंकि थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

