धार, अग्निपथ। शहर की बहुचर्चित आदर्श सड़क पर स्थित मसीह अस्पताल की बेशकीमती भूमि की हेराफेरी करने वाले मुख्य आरोपी सुधीर पिता शांतिलाल जैन को पुलिस ने अंततः दबोच लिया है। साढ़े तीन साल से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा 47 वर्षीय आरोपी इंदौर की तुलसी नगर कॉलोनी में छिपकर रह रहा था। साइबर क्राइम ब्रांच को सटीक सूचना मिलते ही घेराबंदी की गई और आरोपी को धरदबोचा गया। पुलिस टीम उसे तुरंत धार लेकर आई है, जहां नौगांव पुलिस उससे सघन पूछताछ कर रही है। शनिवार दोपहर पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड की मांग करेगी ताकि इस बड़े घोटाले की अन्य कड़ियों को जोड़ा जा सके।
यह था करोड़ों की जमीन का खेल
यह पूरा मामला वर्ष 1928 से शासकीय घोषित की गई मिशन अस्पताल की भूमि से जुड़ा है। किले के समीप स्थित इस बेशकीमती जमीन का सौदा आरोपी सुधीर दास ने अंकित वडेरा के साथ महज 11 लाख रुपये में कर दिया था। जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया कि सर्वे नंबर 770 की 0.493 हेक्टेयर भूमि, जो ऐतिहासिक रूप से महिलाओं के अस्पताल संचालन के लिए दी गई थी, उसे हड़पने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए थे। सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अवैध नामांतरण और लीज के जरिए इस जमीन को बेचने की गहरी साजिश रची गई थी, जिसमें सुधीर जैन की भूमिका मुख्य सूत्रधार के रूप में पाई गई।
इंदौर में घेराबंदी कर किया गया काबू
जिले में लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह सफलता मिली है। सीएसपी सुजावल जग्गा के मार्गदर्शन में साइबर क्राइम ब्रांच की टीम सक्रिय थी। उपनिरीक्षक प्रशांत गुंजाल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी सुधीर जैन इंदौर में नाम बदलकर छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि होते ही टीम ने बताए गए स्थान पर जाल बिछाया। जैसे ही आरोपी घर से बाहर निकला, सादी वर्दी में तैनात जवानों ने उसे घेराव कर हिरासत में ले लिया। पुलिस अब उससे वित्तीय लेनदेन और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
गुजरात और बेंगलुरु में काट रहा था फरारी
पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए सुधीर जैन ने कई राज्यों की खाक छानी। वर्ष 2022 में मामला दर्ज होने के बाद वह सबसे पहले गुजरात भागा और वहां से बेंगलुरु चला गया। फरारी के दौरान वह लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा, जिसके कारण पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। अंततः वह इंदौर में अपनी पहचान छिपाकर रहने लगा, लेकिन पुलिस की पैनी नजरों से नहीं बच सका। नौगांव थाने में दर्ज इस गंभीर प्रकरण में उसकी गिरफ्तारी को पुलिस एक बड़ी कामयाबी मान रही है।
पुलिस अधीक्षक का आधिकारिक वक्तव्य
उप पुलिस महानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि जिले में फरार उद्घोषित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान जारी है। इसी क्रम में नौगांव थाने के मामले में फरार सुधीर को इंदौर से हिरासत में लिया गया है। आरोपी को शीघ्र ही न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा और रिमांड लेकर इस पूरे भू-घोटाले की विस्तृत जांच की जाएगी।
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