खरगोन, अग्निपथ। इंदौर लोकायुक्त की टीम ने शनिवार को खरगोन में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत भगवानपुरा के लेखाधिकारी महेंद्र सिंह चौहान को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने ठेकेदार से विकास कार्यों की फाइलें स्वीकृत करने के बदले कमीशन के रूप में इस राशि की मांग की थी। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
फाइल स्वीकृति के बदले मांगा था 7 प्रतिशत कमीशन
शिकायतकर्ता राजेश पंवार, निवासी बिष्टान ने लोकायुक्त पुलिस को बताया था कि उसने ग्राम पंचायत हीरापुर में सीसी रोड और चेक डैम निर्माण के लिए फाइलें तैयार की थीं। जब उसने 20 जनवरी 2026 को ये फाइलें लेखाधिकारी महेंद्र सिंह चौहान को सौंपी, तो आरोपी ने मौके पर ही 10 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद आरोपी ने कहा कि 10 लाख रुपये के कुल काम के लिए जनपद सीईओ के नाम पर 5 प्रतिशत और स्वयं के लिए 2 प्रतिशत कमीशन देना होगा।
योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर पकड़ा
लोकायुक्त पुलिस द्वारा शिकायत के सत्यापन के बाद शनिवार को ट्रैप दल का गठन किया गया। आवेदक ने अंबा पंचायत के दो नए निर्माण कार्यों के प्रस्ताव तैयार करवाकर उनकी फाइलें और रिश्वत की दूसरी किश्त के 10 हजार रुपये लेकर लेखाधिकारी से संपर्क किया। जैसे ही आरोपी चौहान ने खरगोन में यह राशि स्वीकार की, पहले से मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत मामला दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।
कार्यवाही में शामिल टीम
इस सफल ट्रैप कार्यवाही में उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान के साथ प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक चंद्रमोहन बिष्ट, आशीष नायडू, रामेश्वर निंगवाल, शैलेन्द्र सिंह बघेल, कमलेश तिवारी और प्रभात मोरे की सराहनीय भूमिका रही। लोकायुक्त पुलिस अब इस मामले में अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
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