खरगोन, अग्निपथ। बोर्ड परीक्षाओं के बाद अब उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद मूल्यांकन केंद्र पर उपस्थिति दर्ज न कराना 17 शिक्षकों को भारी पड़ गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए अनुपस्थित रहने वाले सभी शिक्षकों को ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
आदेश की अवहेलना: केंद्र से गायब रहे शिक्षक
शासकीय देवी अहिल्या उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1, खरगोन को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। नियमानुसार, संबंधित शिक्षकों को 17 मार्च 2026 को कार्य पर उपस्थित होने के कड़े आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद, 19 मार्च 2026 तक इन शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। मूल्यांकन केंद्राधिकारी की रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने इस कृत्य को शासकीय कार्यों में बाधा और स्वेच्छाचारिता माना है।
इन शिक्षकों को जारी हुए नोटिस
कार्रवाई की जद में आने वाले शिक्षकों में विनोद तरगावे (बांगरदा), मंजु सोलंकी, तृष्णा तोमर, निर्मल पटेल, अनीता ठाकुर, शर्मिला खन्ना और राजेंद्र चौहान (सभी सनावद) शामिल हैं। इनके अलावा इलाम डावर, संग्राम सिंह गौड़ (भोगांवा सिपानी), उस्तम भूगवाडे (काटकूट), नरेन्द्र कनासे (जेठवाय), दयाराम ठाकुर, सीमा भार्गव (बड़वाह), कैलाश तोमर, राजेश शर्मा (बेड़ियां), रातमल ओसारी (बलवाड़ा) और जयपाल सिंह पंवार (बोधगांव) को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि शिक्षकों द्वारा निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया जाता या वे तत्काल कार्य पर उपस्थित नहीं होते, तो उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
