खरगोन, अग्निपथ। चैत्र मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर संकट मोचन श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव आगामी 2 अप्रैल को पूरे विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। सनातन धर्म की परंपरा के अनुसार चैत्र पूर्णिमा पर प्रातः 6 बजे पवनपुत्र का जन्म हुआ था, इसीलिए इस दिन हनुमान मंदिरों में सुबह से ही विशेष पूजन-अर्चन और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला शुरू हो जाता है। खरगोन के कुंदा नदी तट पर स्थित लगभग छह सौ वर्ष प्राचीन श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में भी इस वर्ष जन्मोत्सव की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन की विशेष बात यह है कि वर्तमान में गैस टंकी की किल्लत को देखते हुए इस बार भट्टी पर भंडारे के लिए प्रसादी तैयार करने का निर्णय लिया गया है।
जन्मोत्सव पर महाआरती और विशेष श्रृंगार
हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर गुरुवार 2 अप्रैल को प्रातःकाल से ही मंदिर में भक्तों का तांता लगेगा। मंदिर के पुजारी अंतिम गोस्वामी ने बताया कि उत्सव की शुरुआत सुबह भगवान के विशेष श्रृंगार के साथ होगी। इसके पश्चात ठीक 6 बजे भगवान की भव्य महाआरती उतारी जाएगी। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति द्वारा विशेष प्रबंध किए गए हैं ताकि श्रद्धालु सुगमता से दर्शन लाभ प्राप्त कर सकें।
कुंदा तट पर सुबह से शाम तक चलेगा भंडारा
जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में कुंदा नदी के तट पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है। यह भंडारा प्रातः 11 बजे से प्रारंभ होकर शाम 5 बजे तक अनवरत रूप से चलता रहेगा। इस वर्ष क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडरों की उपलब्धता में आ रही समस्याओं के कारण मंदिर समिति ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। भोजन निर्माण के लिए 04 विशेष चूल्हे और भट्टियां तैयार की गई हैं, ताकि प्रसादी बनाने में कोई व्यवधान न आए। लकड़ियों और भट्टी के माध्यम से शुद्ध सात्विक प्रसादी तैयार कर भक्तों के बीच वितरित की जाएगी।
11 क्विंटल नुक्ती और छप्पन भोग का आकर्षण
इस धार्मिक आयोजन में प्रसादी वितरण का पैमाना काफी बड़ा रखा गया है। पुजारी अंतिम गोस्वामी के अनुसार भंडारे के लिए विशेष रूप से 11 क्विंटल नुक्ती की प्रसादी तैयार की जा रही है। नुक्ती बनाने का कार्य मंगलवार रात्रि से ही शुरू कर दिया गया है ताकि समय पर वितरण सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही जन्मोत्सव की रात्रि में भगवान श्री संकट मोचन हनुमान जी को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। रात्रि 9 बजे से सुंदरकांड के पाठ का आयोजन होगा, जिसमें मधुर भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। मंदिर समिति एवं महाकाल ग्रुप ने नगर के सभी श्रद्धालुओं से इस भव्य आयोजन में सहभागी बनने और दर्शन लाभ लेने की अपील की है।
